Rafale Plant News: फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन भारत में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी फाइटर जेट निर्माण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी में जुटी है। यह कंपनी नागपुर में राफेल लड़ाकू विमान की हाई कैपेसिटी प्रोडक्शन लाइन स्थापित करने जा रही। यहां हर साल 24 राफेल फाइटर जेट बनाए जाएंगे।
यह प्लांट सिर्फ फाइनल असेंबली तक सीमित नहीं रहेगा। इसे एक पूरी तरह इंडस्ट्रियलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में बनाया जा रहा है। यहां राफेल जेट का फाइनल असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, फ्लाइट टेस्टिंग, डिलीवरी तक का काम होगा।
डसॉल्ट की मुख्य राफेल प्रोडक्शन लाइन फ्रांस में है। कंपनी का दूसरा बड़ा मैन्युफैक्चरिंग सेंटर नागपुर में बनने वाला प्लांट होगा। भारत की तरफ से प्रस्तावित 114 अतिरिक्त राफेल की जरूरत को देखते हुए डसॉल्ट अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहती है। नागपुर प्लांट पूरी क्षमता से चलता है तो यह डसॉल्ट की मौजूदा उत्पादन क्षमता को लगभग दोगुना कर देगा।
इस निर्माण कार्यक्रम से भारत में बड़ा एयरोस्पेस इकोसिस्टम खड़ा होगा। इसमें दर्जनों भारतीय कंपनियां शामिल होंगी। ये स्ट्रक्चर, एवियोनिक्स, कंपोजिट, वायरिंग, लैंडिंग गियर, मिशन सिस्टम जैसे अहम हिस्सों की सप्लाई करेंगी। टाटा ग्रुप पहले ही डसॉल्ट का अहम पार्टनर बन गया है। यह राफेल के फ्यूजलाज सेक्शन बना रहा है। पहली बार है, जब राफेल के अहम स्ट्रक्चरल पार्ट्स फ्रांस के बाहर बनाए जा रहे हैं। डायनामेटिक, महिंद्रा एयरोस्पेस, एल एंड टी और कई एमएसएमई कंपनियां भी इस सप्लाई चेन का हिस्सा होंगी।
इस बार राफेल निर्माण मॉडल सिर्फ ऑफसेट दायित्वों तक सीमित नहीं है। डसॉल्ट भारतीय कंपनियों को अपनी ग्लोबल राफेल सप्लाई चेन का स्थायी हिस्सा बनाने जा रही। मतलब भारतीय कंपनियां सिर्फ भारत के लिए नहीं हैं। ये दुनिया भर में बनने वाले राफेल जेट्स के लिए पार्ट्स सप्लाई करेंगी। इससे भारतीय इंडस्ट्री को जीरो डिफेक्ट मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस कंपोजिट, डिजिटल प्रोडक्शन जैसी तकनीकों का अनुभव मिलेगा।