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कोलकाता में मनाया जाएगा 19वां प्रवासी भारतीय दिवस, Gen-Z के लिए विशेष सेगमेंट; शेड्यूल जारी

Kolkata Pravasi Bhartiya Divas: प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का 19वां संस्करण 07 से 09 जनवरी 2027 तक कोलकाता में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।

नितिन कुमार राय

Pravasi Bharatiya Divas: भारत सरकार ने 19वां प्रवासी भारतीय दिवस का कार्यक्रम कोलकाता में मनाने का फैसला किया है। सम्मेलन अगले साल यानी 2027 में 7 से 9 जनवरी तक पश्चिम बंगाल की राजधानी में आयोजित किया जाएगा। हर साल महात्मा गांधी की याद में मनाया जाने वाला प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन विदेश मंत्रालय की पहल से किया जाता है। विदेश मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार मिलकर इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है।

पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता में इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, सम्मेलन में युवा प्रवासी भारतीय दिवस का एक खास सेगमेंट भी होगा। इस कार्यक्रम में दुनिया भर से भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य, युवा प्रवासी नेता, कारोबारी, प्रोफेशनल्स, शिक्षाविद, इनोवेटर्स और दूसरे लोग शामिल होंगे। महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। उनकी याद में प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है।

दुनियाभर में रह रहे भारतीय का सम्मान

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़ने वाले इस बड़े कार्यक्रम का 19वां संस्करण पिछले आयोजनों की सफलता को आगे बढ़ाएगा। इसका मकसद विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करना और भारत तथा दुनिया के लिए उनके योगदान को सम्मान देना है।

अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरूआत

विदेश मंत्रालय ने कहा कि सम्मेलन के रजिस्ट्रेशन और कार्यक्रम समेत दूसरी जानकारियां जल्द साझा की जाएंगी। किसी भी जरूरी जानकारी के लिए स्थानीय भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया जा सकता है। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की शुरुआत पहली बार 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान हुई थी। इसे विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़ने, उनके योगदान को पहचान देने और भारत के साथ उनके रिश्तों को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया था।

मोदी ने कार्यक्रम का फॉर्मेट बदला

2015 से विदेश मंत्रालय ने इस कार्यक्रम के फॉर्मेट में बदलाव किया। इसके बाद प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का आयोजन हर दो साल में किया जाने लगा, जबकि बीच के वर्षों में अलग-अलग विषयों पर सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। इसका मकसद खास मुद्दों पर बेहतर तरीके से चर्चा करना और दुनिया भर में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को एक-दूसरे से मिलने और संपर्क बढ़ाने का मौका देना है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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