प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सौजन्य : सोशल मीडिया) 
देश

राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी का देशवासियों के लिए संदेश, अंदरूनी और बाहरी खतरे से देश को सावधान रहने की कही बात

भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती जिसे अब राष्ट्रीय एकता दिवस के रुप में भी मनाया जाता है। इससे जुड़े एक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन के दौरान देश के लिए संबोधित किया है।

अपूर्वा नायक

एकता नगर : आज दिवाली के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम रख गया था, जिसमें उन्होंने कहा है कि हमारे देश के अंदर और बादर कुछ ऐसी ताकतें है, जो देश को अस्थिर करने और दुनिया में भारत की नकारात्मक छवि बनाने का प्रयास कर रही है और साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि ये ताकतें अराजकता फैलाने का भी काम कर रही हैं।

भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के निकट एक सभा को प्रधानमंत्री संबोधित कर रहे थे । आपको बता दें कि साल 2014 से, 31 अक्टूबर यानी सरदार पटेल की जयंती को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाई जाती है।

जाति के आधार पर बांटने की कोशिश

प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत के अंदर और बाहर कुछ ताकतें देश को अस्थिर करने और दुनिया में इसकी नेगेटिव इमेज बनाने के लिए अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही हैं। वे देश को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं और ये ताकतें विकसित भारत के खिलाफ हैं।

नया मॉडल पनप रहा

उन्होंने देश के लोगों से अर्बन नक्सलियों के इस गठबंधन की पहचान करने का आग्रह किया और कहा कि ये लोग देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि जैसे-जैसे जंगलों में नक्सलवाद खत्म हो रहा है, अर्बन नक्सलियों का एक नया मॉडल पनप रहा है। आज अर्बन नक्सली उन लोगों को भी निशाना बना रहे हैं जो कहते हैं कि अगर आप एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। हमें अर्बन नक्सलियों की पहचान कर उनका पर्दाफाश करना होगा।

हमारा लोकतंत्र मजबूत

मोदी ने कहा है कि हालांकि ऐसे लोग भी थे जो भारत के एकीकरण को लेकर सशंकित थे, लेकिन सरदार पटेल ने इसे संभव बनाया। उन्होंने कहा कि देश अगले 2 सालों तक पटेल की 150वीं जयंती मनाएगा। उन्होंने कहा है कि हमारा देश 'एक राष्ट्र, एक धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता' के कार्यान्वयन की ओर बढ़ रहा है, जो हमारे देश को मजबूत बनाएगी। हम 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पहल को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा।

नक्सलवाद गिन रहा अंतिम सांसें

उन्होंने कहा, "70 साल में पहली बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने संविधान की शपथ ली है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार के प्रयासों के कारण नक्सलवाद भारत में अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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