Ramnath Kovind Birthday Special: देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उन्हें देशभर से बधाईयां मिल रही है। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1945 को यूपी के कानपुर जिले एक गांव में हुआ था। वह 25 जुलाई 2017 को देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभाला था। अपनी सादगी और शालीनता से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अलग पहचान बनाई थी। उनकी दूरदर्शी सोच ने भारत के नीति निर्माता को अलग तरीके से फैसले लेने में मदद की। देश के वंचितों के प्रति उनका सेवा भाव जबरदस्त है।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पीएम नरेंद्र मोदी के साथ नजदीकी की खूब चर्चा होती रही है। जिसकी पीएम मोदी खुले मंच से स्वीकार करते रहे हैं। एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति के साथ अपने गहरे व्यक्तिगत संबंध को याद करते हुए उनके मार्गदर्शन और वर्षों से उनके स्नेह के प्रति अपना भाव प्रकट किया था। पीएम मोदी ने कहा, “कोविंद जी के साथ मेरा लंबा परिचय, उन्हें निकटता से जानने का सौभाग्य, राष्ट्रपति के रूप में उनका मार्गदर्शन और सबसे बढ़कर, मेरे प्रति उनका विशेष स्नेह और आत्मीयता, ये सब मेरे लिए सबसे बड़ी संपत्ति रहे हैं।”
पीएम मोदी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बीच के रिश्ते इतने खास थे कि उन्होंने रामनाथ की आत्मकथा ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ के विमोचन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। बुधवार, 12 अगस्त को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पुस्तक का विमोचन किया गया। पीएम मोदी ने इस पुस्तक का औपचारिक रूप से विमोचन किया। यह आत्मकथा रामनाथ कोविंद के जीवन और उनके सार्वजनिक जीवन के संघर्षों पर आधारित है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपस्थित लोगों को संबोधित भी किया था।
रामनाथ कोविंद की यह आत्मकथा उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों के बारे में लोगों को अवगत कराएगी। पुस्तक में उनके शुरुआती जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन में एंट्री और देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में निभाई गई जिम्मेदारियों तक के अनुभवों का जिक्र किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति ने आत्मकथा में उन परिस्थितियों और अनुभवों को भी जगह दी गई है, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और उनके सार्वजनिक जीवन की दिशा पर प्रभाव डाला है। इसमें उनके सामने आई चुनौतियों, जीवन में मिले अनुभवों और उन मूल्यों की चर्चा है।
पूर्व राष्ट्रपति द्वारा लिखी पुस्तक ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ केवल उनके निजी जीवन का आईना नहीं है, बल्कि उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों के बारे में भी बहुत कुछ बताता है। राष्ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद का कार्यकाल भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण दौर का हिस्सा रहा है। ऐसे में उनकी आत्मकथा में दर्ज अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन के साथ-साथ देश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं को भी समझने में मदद कर सकते हैं। उनका सार्वजनिक जीवन लंबे समय तक अलग-अलग संवैधानिक और राजनीतिक भूमिकाओं से जुड़ा रहा है।
पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा बाजार में उपलब्ध है। जो पाठक को पूर्व राष्ट्रपति के जीवन की पूरी कहानी समझने में मदद करेगी। पुस्तक लॉन्चिंग के दौरान लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी सविता कोविंद भी मौजूद रहीं। यह आयोजन पूर्व राष्ट्रपति के जीवन और उनके योगदान को सम्मान देने वाला रहा है। आज देशभर से रामनाथ कोविंद को शुभकामनाएं मिल रहा है और उनकी अच्छी सेहत की कामना की जा रही है।