Trade Agreement Between India-New Zealand: भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट विजया दशमी के मौके पर 20 अक्टूबर 2026 को लागू हो जाएगा। केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी घोषणा की। इस समझौते को न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिल चुकी है। 16 सितंबर को भारत के साथ हुए एग्रीमेंट को 93-29 (पक्ष-विपक्ष) के मत से मंजूरी मिली थी। यह जानकारी न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की ओर से दी गई थी। इस समझौते को लेकर न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताई है।
न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि लगभग तीन साल पहले, मैंने वादा किया था कि अगर हमारी पार्टी चुनी जाती है, तो हम अपने पहले कार्यकाल में ही भारत के साथ एक फ़्री ट्रेड डील करेंगे। और आज, हमने उस डील को फाइनल कर लिया है, जो अगले महीने से लागू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे एक्सपोर्टर्स के लिए ज्यादा मौके, बिजनेस के लिए मजबूत ग्रोथ, और न्यूजीलैंड के लिए ज्यादा नौकरियां और ज्यादा आमदनी होगी।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के अनुसार भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। वहीं पूरी तरह लागू होने पर, 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा दिए जाएंगे या काफी कम कर दिए जाएंगे। यह भी बताया कि अकेले कीवीफ्रूट इंडस्ट्री को पांच वर्षों में शुल्क के तौर पर लगभग 125 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर की बचत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से बॉर्डर पर तेजी से क्लीयरेंस मिलेगी और भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जो भोजन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन, प्रोफेशनल सेवाओं और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ा रहा है।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच बातचीत की घोषणा मार्च 2025 में की गई थी और हालांकि अब यह समझौता 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। एफटीए से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को अपने बिजनेस संबंध बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे दोनों देशों के पीएम का 2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी मजबूत होगा।
यह समझौता वैश्विक स्तर पर भी खास महत्व रखता है। बीते कुछ वर्षों में भारत ने अपनी व्यापार नीति में सकारात्मक और प्रभावशाली परिवर्तन लाए हैं। ओमान, यूके ईएफटीए (EFTA) देशों, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस के बाद यह भारत का सातवां प्रमुख मुक्त व्यापार समझौता है।