केरल के पूर्व सीएम को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
केरल हाई कोर्ट में अपील करने की अनुमति
CMRL मामले में 7 दिनों तक जांच पर लगा रोक
Former CM Pinarayi Vijayan Gets 7 day Relief In CMRL Case: केरल के पूर्व सीएम और माकपा नेता पिनराई विजयन को कथित रिश्वत मामले में सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और दामाद पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच पर एक सप्ताह के लिए रोक लगा दी। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ में अपील करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, अदालत के इस फैसले से एफआईआर रद्द नहीं हुई है और मामले में आरोपों की कानूनी जांच अभी बाकी है।
यह पूरा मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीणा टी. की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। केरल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 9 अक्टूबर को मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राज्य की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने विजयन और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
विजयन, उनकी बेटी और दामाद ने इस आदेश को चुनौती देते हुए दलील दी थी कि एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जनहित याचिका के आधार पर इस तरह का आदेश देने की प्रक्रिया उचित थी या नहीं। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पहले उनकी अपील की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि सीएमआरएल ने वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को कथित तौर पर 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया। एजेंसी के अनुसार, ये भुगतान आईटी परामर्श सेवाओं के बदले किए जाने का दावा किया गया, जबकि इन सेवाओं को लेकर सवाल उठे हैं। इसी आधार पर मामले में आपराधिक जांच की मांग की गई।
हालांकि, आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में संबंधित पक्षों का रुख और अदालतों का अंतिम निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने जांच पर सात दिनों की रोक लगा दी है। अब विजयन और उनकी बेटी वीणा टी. और दामाद पीए मोहम्मद रियास केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ के सामने अपनी अपील और अंतरिम राहत की मांग रख सकेंगे।
इस फैसले से विजयन को फिलहाल कानूनी राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले का भविष्य हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगा। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अदालत जांच पर रोक को आगे बढ़ाती है या मामले की जांच दोबारा शुरू करने का रास्ता खुलता है।