Pahalgam Terror Accused Musa Killed: भारतीय सेना ने बुधवार को बड़ी सफलता हासिल की है। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के पलमैदान इलाके में सुरक्षा बलों ने एक सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए मुठभेड़ में पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी को मार गिराया। इसके पास से युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। इस आतंकवादी की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के तौर पर हुई है। श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स ने मूसा के मारे जाने की पुष्टि की है। यह कार्रवाई पलमैदान इलाके में सुबह-सुबह चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई।
सेना ने लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। बुधवार को सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने खास खुफिया जानकारी के आधार पर यूसमर्ग इलाके में 'ऑपरेशन कोराग' शुरू किया था। इस दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और उन्हें चुनौती दी, तो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे दोनों तरफ से जबरदस्त गोलीबारी हुई और इस दौरान हाशिम मूसा को मार गिराया गया।
सुरक्षा बलों की ओर बताया गया कि सेनाओं के द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है। हाशिम मूसा का नाम 2025 के पहलगाम हमले में शामिल मुख्य संदिग्धों में से एक के तौर पर सामने आया था, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इस आतंकी हमले के बाद, J&K पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिकों और LeT आतंकवादियों- आदिल हुसैन ठोकर, अली भाई और हाशिम मूसा की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। जानकारी के अनुसार हाशिम मूसा पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप में पैरा-कमांडो के तौर पर काम कर चुका था।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पहले पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसका सहयोगी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' शामिल हैं। ये दोनों ही प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हैं। NIA ने हमले की साजिश में पाकिस्तान की भूमिका का ब्योरा दिया और पहलगाम हमले की योजना बनाने, उसमें मदद करने और उसे अंजाम देने में भूमिका के लिए प्रतिबंधित संगठन पर एक कानूनी इकाई के तौर पर आरोप लगाए।
जांच एजेंसी ने 1,597 पन्नों की चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकवादी साजिद जट्ट का नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल है। हाल ही में शव और युद्ध जैसी सामग्री की बरामदगी जारी ऑपरेशन का ही हिस्सा है। सुरक्षा बल आसपास के इलाके में किसी और आतंकवादी की मौजूदगी और अन्य चीजों की बरामदगी के लिए ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं।