नितिन गडकरी  
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नवाज शरीफ की जान बचाने की कहानी! नितिन गडकरी ने सुनाया धीरूभाई अंबानी और बिल क्लिंटन का दिलचस्प किस्सा

Nitin Gadkari: नितिन गडकरी ने खुलासा किया कि धीरूभाई अंबानी के कहने पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने सैन्य तख्तापलट के बाद पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को सुरक्षित बाहर निकलवाया था।

अर्पित शुक्ला

Nitin Gadkari on Dhirubhai Ambani: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नवभारत विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में अपने राजनीतिक जीवन का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, उद्योगपति धीरूभाई अंबानी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से जुड़ी एक घटना उनके सामने आई, जिसे वह आज भी नहीं भूल पाए हैं।

गडकरी ने बताया कि जब बिल क्लिंटन भारत दौरे पर आए थे, तब मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बिल क्लिंटन और धीरूभाई अंबानी को लाइफ अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। उस समय गडकरी महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद धीरूभाई अंबानी उनका हाथ पकड़कर एक निजी कक्ष में ले गए, जहां बिल क्लिंटन भी मौजूद थे।

धीरूभाई ने नवाज शरीफ के लिए मांगी थी मदद

गडकरी के अनुसार, धीरूभाई अंबानी ने बिल क्लिंटन से कहा कि पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उनके पुराने मित्र हैं और सैन्य तख्तापलट के बाद उनकी जान को खतरा है। उन्होंने क्लिंटन से कथित तौर पर कहा कि यदि संभव हो तो नवाज शरीफ को सुरक्षित पाकिस्तान से बाहर निकलने में मदद करें।

नितिन गडकरी

गडकरी का भी कराया परिचय

नितिन गडकरी ने बताया कि इसी मुलाकात के दौरान धीरूभाई अंबानी ने उनका परिचय बिल क्लिंटन से कराते हुए कहा कि एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक रास्ते में दिखाई देने वाले फ्लाईओवर और अन्य विकास कार्यों में गडकरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

'रात एक बजे आया था क्लिंटन का फोन'

गडकरी ने आगे बताया कि बाद में अनिल अंबानी ने उन्हें जानकारी दी कि उसी रात करीब एक बजे बिल क्लिंटन का फोन धीरूभाई अंबानी के पास आया था। धीरूभाई उस समय सो चुके थे, इसलिए उनके लिए संदेश छोड़ा गया। गडकरी के मुताबिक, संदेश में कहा गया था कि जिस काम का अनुरोध किया गया था, वह पूरा हो गया है और नवाज शरीफ सुरक्षित विमान से पाकिस्तान छोड़कर लंदन पहुंच गए हैं।

नितिन गडकरी

नितिन गडकरी ने कहा कि यह घटना उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। उनके अनुसार, इस प्रसंग ने उन्हें वैश्विक कूटनीति, व्यक्तिगत संबंधों और प्रभावशाली नेतृत्व की ताकत को करीब से समझने का अवसर दिया।

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