Nita Ambani Shares Lavanya’s Emotional Journey: रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने 9 साल की लावन्या की एक प्रेरणादायक कहानी साझा की है, जिसने गंभीर बीमारी के बावजूद जिंदगी की जंग जीत ली। यह कहानी न केवल चिकित्सा सफलता की है, बल्कि एक मां की हिम्मत और सामाजिक सहयोग की शक्ति को भी दर्शाती है।
लावन्या जब पहली बार सर एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल लाई गई थी, तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों के अनुसार, उसका दिल लगभग फेल होने की स्थिति में पहुंच चुका था और उसे तत्काल हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत थी।
नीता अंबानी के अनुसार, इस कठिन समय में लावन्या के पिता ने उसका साथ छोड़ दिया था। इसके बाद उसकी मां ने अकेले ही इलाज, आर्थिक दबाव और भावनात्मक संघर्ष का सामना किया। मां लगातार अस्पताल में बेटी के साथ बनी रही और उसकी सलामती के लिए प्रार्थना करती रही।
रिलायंस फाउंडेशन ने इस मुश्किल समय में लावन्या के इलाज में अहम भूमिका निभाई। फाउंडेशन के सहयोग से उसका जटिल हार्ट ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया। डॉक्टरों और मेडिकल टीम की लगातार निगरानी में लावन्या ने धीरे-धीरे रिकवरी की प्रक्रिया पूरी की और आखिरकार पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गई।
सर्जरी के बाद अब लावन्या फिर से स्कूल जा रही है, दोस्तों के साथ खेल रही है और अपने भविष्य के सपने देख रही है। यह बदलाव उसके जीवन में एक नई शुरुआत की तरह है।
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इस अनुभव को साझा करते हुए नीता अंबानी ने कहा कि हर अस्पताल एक मंदिर की तरह होता है और डॉक्टरों का काम भगवान की सेवा के समान है। उन्होंने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन का उद्देश्य हर भारतीय को विश्वस्तरीय और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। दक्षिण मुंबई के गिरगांव स्थित 360-बेड वाला यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ लगातार मरीजों की जान बचा रहा है।