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CBFC के नए पैनल में पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी और प्रीति जिंटा जैसी कई शख्सियत; 18 सदस्यों को मिला जगह

Members Of The Newly Formed CBFC: सरकार की ओर से गठित CBFC पैनल में 18 सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा और विनोद अनुपम जैसे शख्सियत शामिल हैं।

नितिन कुमार राय

CBFC New Panel Formed: भारत सरकार सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के नए पैनल का गठन किया है। पैनल में भारतीय सिनेमा, टेलीविजन, संगीत, थिएटर और साहित्य की दुनिया से जुड़े लोग हैं। 18 सदस्यों वाले फिल्म सर्टिफिकेशन पैनल में पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा, मनोज जोशी, पल्लवी जोशी और रूपाली गांगुली जैसे कलाकार शामिल हैं। बाकी सदस्यों में ग्रैमी-विजेता संगीतकार रिकी केज, फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन, लेखक और संगीतकार यतींद्र मिश्रा और फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम शामिल हैं।

3 साल के लिए पैनल का गठन

सरकार द्वारा गठित नए पैनल मौजूदा नियमों के तहत तीन साल तक फिल्म सर्टिफिकेशन प्रक्रिया का हिस्सा रहेगा। इस पैनल में सिनेमा, टेलीविज़न, संगीत, थिएटर, साहित्य और फिल्म समीक्षा से जुड़े लोग शामिल हैं। पैनल सदस्यों में अभिषेक जैन, हंसराज हंस, सुप्रिया यारलागड्डा, नीला माधव पांडा, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतंगे को भी शामिल किया गया है।

हालांकि, मई 2026 में नियुक्त किए गए शशि शेखर वेम्पति CBFC के चेयरपर्सन बने रहेंगे।सरकार द्वारा गठित नए पैनल तुरंत काम करना शुरू कर देगी। मौजूदा नियमों के तहत, यह फिल्मों की जांच करेगी और सर्टिफिकेशन से जुड़े फैसलों में शामिल होगी।

CBFC के नए पैनल में कौन-कौन हैं शामिल ?

  1. विनोद अनुपम

  2. मनोज जोशी

  3. अभिषेक जैन

  4. रिकी केज

  5. प्रियदर्शन

  6. सुनील शेट्टी

  7. हंसराज हंस

  8. सुप्रिया यारलागद्दा

  9. यतिंद्र मिश्रा

  10. रूपा गांगुली

  11. प्रीति जिंटा

  12. नील माधव पांडा

  13. पंकज त्रिपाठी

  14. प्रोसेनजीत चटर्जी

  15. पल्लवी जोशी

  16. निशिगंधा वाड

  17. वामन केंद्रे

  18. रमेश पतंगे

क्या है CBFC?

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC), भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, जो सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 के प्रावधानों के तहत फिल्मों के पास होने की प्रक्रिया समेज जरूरी नियम और कानून पर काम करता है। भारत में फिल्मों को तभी रिलीज किया जाता है जब उन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणीकरण बोर्ड द्वारा सर्टिफिकेट मिल गया हो। देशभर में इसके क्षेत्रीय कार्यलय है, जहां इनके अधिकारी काम करते हैं।

बोर्ड में नियुक्तियां और कार्य

बोर्ड में गैर-सरकारी सदस्य और एक अध्यक्ष होते हैं (जिन सभी की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है) और इसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है। इसके नौ क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जिनमें से एक-एक मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम, हैदराबाद, नई दिल्ली, कटक और गुवाहाटी में स्थित है। क्षेत्रीय कार्यालयों को फिल्मों की समीक्षा में सलाहकार पैनलों मदद करती है।

इन पैनलों के सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों में से चुनकर 2 वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया जाता है। फिल्म सर्टिफिकेशन प्रक्रिया सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952, सिनेमाटोग्राफ (प्रमाणन) नियम, 1983 और केंद्र सरकार द्वारा धारा 5 (बी) के तहत जारी दिशानिर्देशों के अनुसार की जाती है।

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