Nepal Flood Indian Tourists Rescue: नेपाल त्रासदी में मौत का आंकड़ा 734 पहुंच चुका है। ऐसे में नेपाल में आई आपदा में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए सरकार हर संभव बड़े कदम उठा रही है। देश की राज्य सरकारें भी नेपाल में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है।
इन प्रयासों के चलते रविवार को कई यात्री सुरक्षित अपने-अपने राज्य लौंटे। इनमें केरल और नागपुर में रहने वाले शामिल थे। वहीं तमिलनाडु के कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है। हालांकि, 100 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहा है।
केरल के कासरगोड में नेपाल त्रासदी में फंसे 36 लोगों के मलयाली ग्रुप के 5 सदस्य घर लौट आए हैं। यह ग्रुप एक हफ्ते के टूर पैकेज के तहत 23 अगस्त को नेपाल गया था। सुरक्षित लौटने के बाद राहत महसूस करते हुए ये पांचों लोग कासरगोड पहुंचे।
केरलवासियों का एक अन्य ग्रुप रविवार को रेलवे स्टेशन पहुंचा। इस ग्रुप में महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। परिवार वालों से मिलने के बाद सभी यात्री भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें बुद्ध मंदिर पहुंचने में 20 मिनट की देरी हो गई थी और इसी देरी ने उनकी जान बचा ली।
वहीं तमिलनाडु के राज्य मंत्री राजमोहन ने बताया कि नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 को बचा लिया गया है और ये सभी 219 लोग 31 अगस्त तक तमिलनाडु पहुंच जाएंगे।
रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए मंत्री राजमोहन ने बताया कि पिछले तीन दिनों से, मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के निर्देशों पर अमल करते हुए, हम दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और नेपाल में फंसे तमिल लोगों को बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। अभी, प्रवासी तमिल कल्याण विभाग के मंत्री थेन्नारासु दिल्ली में रहकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
तमिलनाडु से कुल 319 लोग अलग-अलग समूहों में नेपाल गए थे। उनमें से 219 लोग सुरक्षित हैं। वे 31 अगस्त की रात तक चेन्नई पहुंच जाएंगे। बाकी 100 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और फिलहाल उन्हें लापता माना जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की आपदा है। इस घटना में सभी को मिलकर काम करना होगा। हमारा एकमात्र मकसद प्रभावित लोगों को बचाना है।
इसके अलावा रविवार को महाराष्ट्र के नागपुरवासी भी सुरक्षित अपने राज्य लौटे। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद काठमांडू में फंसे नागपुर के 102 तीर्थयात्री रविवार सुबह सुरक्षित महाराष्ट्र लौट आए।
इन 102 तीर्थयात्रियों के साथ विदर्भ क्षेत्र के अन्य हिस्सों के चार यात्री भी 19 अगस्त को पशुपतिनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए नेपाल गए थे। बाढ़ आने के एक दिन बाद यानी 27 अगस्त तक वे काठमांडू में ही रुके रहे। विदर्भ के चार तीर्थयात्री शनिवार को विमान से यहां पहुंचे, जबकि अन्य 102 यात्री रविवार तड़के करीब 4.30 बजे ट्रेन से नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।
अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा के बाद अब भी 2,498 लोग लापता हैं। इनमें 85 सुरक्षाकर्मी और 320 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान अब तक प्रभावित जिलों से 8,186 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 227 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।