असदुद्दीन ओवैसी, फोटो- सोशल मीडिया 
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NDA या INDIA, उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में किसे वोट करेंगें असदुद्दीन ओवैसी, एक्स पर पोस्ट कर बताया

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA और INDIA गठबंधन में से एक उम्मीदवार को अपना समर्थन देने की बात कही है। जानिए ओवैसी ने किसका समर्थन किया है।

प्रतीक पाण्डेय

Asaduddin Owaisi on VP Election: असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में विपक्षी INDIA गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा की।

ओवैसी ने बताया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उनसे संपर्क किया गया था और उन्हें न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी को समर्थन देने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस अनुरोध को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है और अब वे रेड्डी का समर्थन करेंगे।

सोशल मीडिया पर क्या बोले ओवैसी

अपने बयान में ओवैसी ने कहा, "न्यायमूर्ति रेड्डी एक हैदराबादी हैं और उन्हें एक सम्मानित न्यायविद के रूप में जाना जाता है। मैंने उनसे व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।" उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना से जुड़े होने के कारण रेड्डी को समर्थन देना उनके लिए गर्व की बात है।

उल्लेखनीय है कि INDIA गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला एनडीए के प्रत्याशी सी.पी. राधाकृष्णन से होगा। यह चुनाव 9 सितंबर को संपन्न होगा।

क्या हैं इस समर्थन के मायने?

ओवैसी का यह समर्थन तेलंगाना की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि AIMIM का आधार हैदराबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में मजबूत है। उनके समर्थन से रेड्डी की दावेदारी को निश्चित रूप से बल मिल सकता है। ओवैसी ने इस निर्णय को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि रेड्डी का पूरा करियर न्याय, संविधान और लोकतंत्र की मर्यादाओं के अनुरूप रहा है। इस कारण AIMIM का समर्थन उनके प्रति स्वाभाविक है।

तेलंगाना के राजनीतिक हलकों में भी AIMIM के इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जानकार मानते हैं कि यह कदम न सिर्फ विपक्ष के उम्मीदवार की स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी गठबंधन की एकता को दर्शाता है।

9 सितंबर को होना है चुनाव

अब जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में कुछ ही दिन शेष हैं, ओवैसी के इस समर्थन ने राजनीतिक माहौल को और भी गर्म कर दिया है। सभी की निगाहें 9 सितंबर को होने वाले चुनाव पर टिकी हैं, जहां यह देखा जाएगा कि विपक्ष का यह गठबंधन कितना प्रभावी साबित होता है।

आईएएनएस इनपुट के साथ

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