मॉनसून (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Monsoon पर बढ़ा सस्पेंस! मौसम विभाग के दावों के बीच वैज्ञानिकों की बड़ी चेतावनी, कहीं ये धोखा तो नहीं?

Monsoon Update India: भारत में मॉनसून की धीमी शुरुआत से 11.9% कम बारिश हुई। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र में मॉनसून आने का दावा किया है और वैज्ञानिकों ने 20 जून तक बुआई रोकने की चेतावनी दी है।

प्रिया सिंह

Weather Department Monsoon Update India: भारत में मॉनसून का आधिकारिक सीजन 1 जून से शुरू हो चुका है लेकिन इसकी सुस्त शुरुआत ने आम लोगों और वैज्ञानिकों को बहुत बड़ी उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहां भारतीय मौसम विज्ञान विभाग मॉनसून के तेजी से आगे बढ़ने के दावे कर रहा है वहीं दूसरी तरफ मौसम वैज्ञानिक इस पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। अगर आप भी झुलसती गर्मी के बीच झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं या खेती-किसानी से जुड़े हैं तो यह अहम खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इस समय देश में मॉनसून की असल स्थिति काफी चिंताजनक है और 1 जून से 8 जून के बीच काफी कम बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मानसून सीजन के शुरुआती 8 दिनों में से 7 दिन देश को सामान्य से कम बारिश का सामना करना पड़ा है। भारत में इस शुरुआती अवधि में आमतौर पर जितनी बारिश होनी चाहिए इस बार उससे 11.9% कम बारिश दर्ज की गई है। पूरे देश में अब तक केवल 24.7 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है जो किसानों के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का विषय है। मौसम विभाग ने घोषणा की कि 4 जून को केरल पहुंचने के बाद मानसून ने बहुत तेजी से दूरी तय की और 8 जून को सोलापुर तक पहुंच गया।

महाराष्ट्र सरकार की चेतावनी

इस समय सबसे बड़ा और अहम विवाद महाराष्ट्र में मानसून के आगमन को लेकर पूरी तरह से खड़ा हो गया है। मौसम विभाग के दावों के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 7 जून को ही किसानों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी कर दी। उन्होंने किसानों से साफ कहा कि शुरुआती बारिश को देखकर जल्दबाजी में अपनी बुआई बिल्कुल भी न करें। मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार सुस्त पड़ने की पूरी आशंका है जिससे फसलों को काफी भारी नुकसान हो सकता है।

वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा

मौसम विभाग ने जिस मॉनसून के आने का दावा किया है उसे लेकर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। मौसम वैज्ञानिक अक्षय देवरस ने एक चौंकाने वाला विश्लेषण साझा करते हुए बताया कि सोलापुर में हवाएं हिंद महासागर से नहीं आ रही हैं। वायुमंडल के निचले स्तर पर जो हवाएं सोलापुर और उसके आसपास आ रही हैं वे वास्तव में उत्तरी अफ्रीका से आ रही सूखी हवाएं हैं। केवल मानसून-पूर्व की गरज-चमक वाली बारिश को देखकर मानसून के आने की घोषणा करना आम लोगों के लिए गुमराह करने वाला हो सकता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि किसानों की फसल बर्बाद हो सकती है क्योंकि अगले 10 दिनों तक महाराष्ट्र में तापमान काफी ऊंचा रहने वाला है। हवा में कम नमी के कारण 20 जून तक दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीप से आगे मानसूनी बादलों का बनना पूरी तरह से रुक गया है। मॉनसून भले ही कागजों पर आगे बढ़ रहा हो लेकिन मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहना होगा। किसानों को फिलहाल 20 जून तक फूंक-फूंक कर कदम रखने की सख्त जरूरत है और मौसम स्थिर होने पर ही बुआई करें।

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