तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

'तमिलनाडु में फिर होंगे विधानसभा चुनाव', स्टालिन ने कार्यकर्ताओं को दी तैयार रहने की सलाह; क्या है मायने?

Tamil Nadu Midterm Elections: तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व सीएम एमके स्टालिन ने विजय की टीवीके सरकार पर बड़ा दावा किया है और अपने कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आदेश दिया है।

अमन मौर्या

MK Stalin TVK Government Claim: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बड़ा दावा किया है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सीएम स्टालिन ने बताया कि राज्य में जल्द ही टीवीके सरकार गिर सकती है। उन्होंने राज्य में जल्दी ही चुनाव का भी दावा किया। बीते महीने विधानसभा चुनावों में डीएमके को करारी हार का सामना करना पड़ा।

सत्ता गंवाने के बाद राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी DMK के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को एक जनसभा में यह बात कही। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में मध्यावधि चुनाव की भविष्यवाणी की।

कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का दिया आदेश

पार्टी में नए सदस्यों को शामिल करने के एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने कहा कि मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनावी लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहता हूं। उन्होंने बताया कि चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। चुनाव तीन महीने में या छह महीने बाद हो सकते हैं। जब भी चुनाव हों, हमें 100 प्रतिशत तैयार रहना होगा। अभी से ही पार्टी की जीत के लिए पूरी ईमानदारी से काम करें और आपको पहचान जरूर मिलेगी।

गठबंधन के भरोसे सरकार: स्टालिन

तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीट हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए कम से कम 118 सीटें चाहिए। अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों में दो साल पहले आस्तित्व में आई विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत के आंकड़ों से दूर रही। विजय ने कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टी, मुस्लिम लीग, VCK के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई। इन्हीं क्षेत्रीय दलों का हवाला देते हुए स्टालिन ने बताया कि यह सरकार डीएमके गठबंधन के पूर्व सहयोगियों के समर्थन से ही चल रही है।

कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने सीएम विजय को राज्य में कानून-व्यवस्था और आर्थिक मोर्चे पर घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का राज नहीं है। यह पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। प्रदेश में बच्चों और महिला के खिलाफ लगातार अपराध बढ़े हैं। साथ ही वर्तमान सरकार की खराब नीतियों की वजह से राज्य की बड़ी-बड़ी कंपनियां तमिलनाडु छोड़कर जा रही हैं।

राहुल गांधी को इडियट और अंधभक्त वाले बयान पर नोटिस, 28 अगस्त तक देना होगा जवाब

विभाजन की त्रासदी से सबक लेकर मजबूत भारत बनाएं, बोले CM योगी: सबसे बड़ी पहचान भारतीय होने की हो

शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ में CBDC‑आधारित DBT का किया शुभारंभ; PDS में पारदर्शिता की नई क्रांति

आज की ताजा खबर 14 अगस्त LIVE: जेपी नड्डा अस्पताल में भर्ती; चमोली लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या हुई 7

तिरंगे से राष्ट्र निर्माण तक, राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को दिया खास संदेश