दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात की। वह पांच दिवसीय भारत दौरे पर हैं। यह दौरा भारत और मालदीव के बीच के रिश्ते मजबूत होंगे। सोमवार यानी 07 अक्टूबर को उन्होंने सबसे पहले अपनी पत्नी साजिदा मोहम्मद के साथ राजघाट पहुंचे और वहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के साथ भी बैठक की। बता दें कि यह मुइज्जू की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
मालदीव और भारत के रिश्ते को मजबूत करने के लिए पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर मालदीव के राष्ट्रपति भारत आए हैं। उनके साथ उनकी पत्नी, कई संख्या में कैबिनेट मंत्री और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद हैं। दिल्ली के बाद प्रतिनिधिमंडल मुंबई का भी दौरा करेंगे। उनकी यात्रा बेंगलुरु में समाप्त होगी। राष्ट्रपति और पीएम के अलावा विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी मुइज्जू से मुलाकात की।
राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारतीय पर्यटकों को मालदीव आने के लिए आमंत्रित भी किया है। उनका कहना है कि भारतीय हमेशा से ही सकारात्मक योगदान देते हैं। उन्होंने अपने देश में भारतीय पर्टयकों का स्वागत किया। भारत और मालदीव के रिश्तों को मजबूती देते हुए उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की।
पिछले साल राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू की यह पहली राजकीय यात्रा है। वह प्रधानमंत्री मोदी की शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे। वहीं मालदीव का चीन के प्रति ज्यादा झुकाव रखने से भारत और मालदीव के रिश्तों में तनाव पैदा कर रहा था। पिछले साल मुइज्जू ने इंडिया आउट अभियान के आधार पर ही राष्ट्रपति चुनाव जीता था। फिलहाल मुइज्जू ने भारत विरोधी रुख को नरम किया है और पीएम मोदी की आलोचना करने वाले मंत्रियों को बर्खास्त किया। बता दें कि मालदीव आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। ऐसे में भारत ने मालदीव सरकार को विशेष अनुरोध पर 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर के सरकारी बॉण्ड को एक वर्ष और बढ़ाकर देश को बजटीय सहायता दी। माना जाता है कि इस मुलाकात से भारत और मालदीव के मैत्रीपूर्ण संबंधों को एक नई गति मिल सकेगी।