हरियाणा में आज आएंगे चुनाव के नतीजे, सीएम पद के लिए इन चेहरों पर रहेगी सबकी नजरें

हरियाणा विधानसभा चुनावों की गिनती सुबह 8 बजे से आज यानी 8 अक्टूबर को शुरू होने वाली है। इसके चलते राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य में एग्जिट पोल की मानें तो 10 साल बाद कांग्रेस के आने के आसार नजर आ रहे हैं।
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हरियाणा विधानसभा चुनाव (सोर्स:-सोशल मीडिया)
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Haryana Election Results 2024: हरियाणा विधानसभा चुनावों की गिनती सुबह 8 बजे से आज यानी 8 अक्टूबर को शुरू होने वाली है। इसके चलते राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य में एग्जिट पोल की मानें तो 10 साल बाद कांग्रेस के आने के आसार नजर आ रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य में सीएम का दावेदार कौन-कौन हो सकता है। बता दें कि वर्तमान में हरियाणा में बीजेपी की सरकार है और यहां के सीएम नायब सिंह सैनी हैं। चुनाव के परिणाम दोपहर 12 बजे तक साफ हो जाएंगे। जिसके बाद राज्य में किस दल की सरकार बनेगी यह भी साफ हो जाएगा।

हरियाणा में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में भूपेंद्र हुड्डा, कुमारी शैलजा, रणदीप सुरजेवाला और दीपेंद्र हुड्डा का नाम गलियारों में लिया जा रहा है। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि कौन सा नाम सीएम पद की दावेदारी के लिए मजबूती से खड़ा है।

सीएम के इन नामों से बदल सकता है समीकरण

अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो भूपेंद्र हुड्डा सीएम फेस के मजबूत दावेदार हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि हुड्डा को सरकार चलाने का अनुभव और जनता उनपर भरोसा भी करती है। इसके साथ ही पार्टी ने हुड्डा के समर्थकों को टिकट ज्यादा हिस्सा दिया था। इससे यह माना जा रहा है कि हुड्डा को आलाकमान सीएम के लिए चुन सकते हैं। इससे कांग्रेस पार्टी जाट वोटों को साधने का काम कर सकती है।

भूपेंद्र हुड्डा के बाद राज्य में कांग्रेस की तरफ से कुमारी शैलजा के नाम पर भी हलचल है। हरियाणा में  शैलजा एक बहुत बड़ा दलित चेहरा हैं। उन्हें सरकार में काम करने का काफी अनुभव है। उनका नाम भी मुख्यमंत्री की लिस्ट में शामिल हो सकता है। इसके अलावा हरियाणा में कांग्रेस की तरफ से रणदीप सुरजेवाला को भी मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है।

कांग्रेस के युवा नेता दीपेंद्र हुड्डा का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आखिर में है। लेकिन पार्टी उन्हें एक मौका दे सकती है। क्योंकि उनके पिता की उम्र 75 साल से भी अधिक हो गई है। जिसके चलते पार्टी दीपेंद्र हुड्डा पर दांव लगा सकती है। इसके अलावा आपको बता दें कि दीपेंद्र हुड्डा चार बार सांसद रह चुके हैं।

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