महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

PM मोदी की लीडरशिप से RSS के विचार तक, अब सबकुछ पढ़ेंगे छात्र; इस यूनिवर्सिटी ने शुरू किया नया कोर्स

MS University Vadodara New Course: महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ स्टडीज ने कुल 4 नए कोर्स को मंजूरी दी है। जिसमें देश के नायकों वीर सावरकर, महर्षि अरविंद के विचारों को शामिल किया गया है।

मनोज आर्या

MS University Vadodara New Course On RSS: गुजरात के वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (MSU) ने कोर्स में बड़ा बदलाव किया है। यूनिवर्सिटी की ओर से घोषणा किया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास और वर्तमान प्रशासन के मूल सिद्धांतों पर नया पाठयक्रम शुरू किया गया है। अब स्टूडेंट्स क्लासरूम में मोदी तत्व और आरएसएस की विचारधारा के बारे में अध्यन करेंगे। इस नए कोर्स के तहत यूनिवर्सिटी के सोशियोलॉजी डिपार्टमेंट के छात्र आरएसएस का गठन, इतिहास और समाजिक-सांस्कृतिक उत्थान पर इसके योगदान के बारे में विस्तार से जानेंगे।

इसके अलावा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, पर्यावरण संरक्षण और स्वतंत्रता संग्राम में संघ की क्या भूमिका रही, इस पर स्पेशल क्लास होंगे। छात्रों को यह भी सिखाया जाएगा कि नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन मैनेजमेंट के लिए संघ की कार्यशैली को समझना क्यों जरूरी है।

पीएम मोदी के बारे में पढ़ेंगे छात्र

इस कोर्स के तहत यूनिवर्सिटी के छात्रों को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व पर आधारित मोदी तत्व विषय को पढ़ाया जाएगा, जिसमें मोदी के लीडरशिप, उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व और उनके काम करने के तरीकों के बारे में छात्र पढ़ सकेंगे। समजाशास्त्रीय दृष्टिकोण से यह देखा जाएगा कि मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने समाज पर क्या प्रभाव डाला है।

कुल 4 नया कोर्स हुआ शामिल

महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ स्टडीज ने कुल 4 नए कोर्स को मंजूरी दी है। इस कोर्स में देश के महान नायकों, जैसे कि- वीर सावरकर, महर्षि अरविंद और डॉ. बीआर अंबेडकर के विचारों को शामिल किया गया है। इसके अलावा छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ के शासन और उनके सामाजिक सुधारों को गहराई से पढ़ाया जाएगा। इस अभ्यास क्रम में राष्ट्रवाद की समझ को लेकर चौथा विषय राष्ट्रवाद पर केंद्रित है। इसमें राष्ट्र और राज्य की परिभाषा के साथ-साथ भारतीय समाजशास्त्रियों के राष्ट्रवाद पर क्या विचार थे इस पर चर्चा की जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या कहा?

यूनिवर्सिटी के समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन विषयों से छात्र वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिवेश को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि सरकारी थिंक टैंक 'नीति आयोग' की ओर से की गई हालिया शोध परियोजनाओं में छात्रों को सरकारी पहलों के साथ गहराई से जुड़ते हुए देखा गया है और इन विषयों को औपचारिक रूप से शामिल करना एक स्वाभाविक प्रगति के रूप में देखा जाता है।

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