Telangana BRS Black T-Shirt Protest: तेलंगाना में विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। इस बीच बीआरएस के नेता विधानसभा में काली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। पुलिस ने BRS नेताओं को बाहर ही रोक लिया और अंदर आने से रोका।
बीआरएस नेताओं में कार्यकारी अध्यक्ष KT रामा राव और MLA हरीश राव भी शामिल थे। पुलिस ने काली टी-शर्ट पहने सभी नेताओं को विधानसभा के अंदर जाने से रोक दिया। BRS नेताओं की काली टी-शर्ट में राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लिखे हुए थे।
पुलिस को रोके जाने पर बीआरएस नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए BRS के कार्यकारी अध्यक्ष KT रामा राव, विधायक हरीश राव और अन्य नेताओं को तेलंगाना विधानसभा के बाहर पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
बीआरएस नेता काली टी-शर्ट पहनकर और राज्य में तेलंगाना कांग्रेस सरकार के 100 दिनों के शासन के खिलाफ नारे लगाते हुए विधानसभा सत्र में शामिल होने आए थे। BRS नेताओं ने आरोप लगाया कि जहां लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को काली टी-शर्ट पहनकर संसद के अंदर जाने की इजाजत दी गई, वहीं उन्हें तेलंगाना विधानसभा के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी।
पार्टी ने बताया कि धक्का-मुक्की में KTR और पूर्व मंत्री जी. जगदीश रेड्डी को मामूली चोटें आईं। आरोप है कि पुलिस ने महिला विधायकों को भी धक्का देकर हटाया; BRS के अनुसार, विधायक वी. सुनीता लक्ष्मा रेड्डी ने आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की के दौरान उनके पैरों को कुचला गया, जबकि KTR के जनसंपर्क अधिकारी महेश को भी चोट लगी।
BRS विधायक दल के नेता हरीश राव ने अंदर जाने से रोका। तभी हरिश राव ने अपनी टी-शर्ट उतार दी और सदन में जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए अंदर जाने की मांग की। उन्हें KTR और अन्य नेताओं के साथ हिरासत में लिया गया और स्थानीय पुलिस स्टेशनों व तेलंगाना भवन ले जाया गया। हालांकि, जो BRS सदस्य सामान्य कपड़ों में आए थे, उन्हें बिना किसी रुकावट के अंदर जाने दिया गया।
तलासानि श्रीनिवास यादव, पी. सबिता इंद्रा रेड्डी, कोवा लक्ष्मी और माधवरम कृष्णा राव समेत पार्टी नेताओं ने अपने साथियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने के लिए विधानसभा लॉबी के प्रवेश द्वार पर धरना दिया।
KTR ने सवाल उठाया कि तेलंगाना विधानसभा में BRS नेताओं को काली टी-शर्ट पहनने से क्यों रोका जा रहा है, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संसद के अंदर ऐसा करने की अनुमति दे दी गई थी। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह 420 वादों के दम पर सत्ता में आई थी जिन्हें 100 दिनों के भीतर पूरा करने का वादा किया गया था, लेकिन उनके अनुसार, 1,000 दिन सत्ता में रहने के बाद भी उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया।