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वायनाड लैंडस्लाइड में मौतों की गिनती बढ़ी, बचाव अभियान पर PM मोदी रख रहे नजर

केरल के वायनाड जिले में लैंडस्लाइड की घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 167 हो चुकी है जबकि 191 लोग लापता हैं। हालांकी अन्य मिडीया खबरों की माने तो इस प्राकृतिक आपदा के कारण अभी तक 256 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी वायनाड लैंडस्लाइड की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।

राहुल गोस्वामी

वायनाड: जहां केरल के वायनाड जिले में लैंडस्लाइड की घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 173 हो चुकी है जबकि 191 लोग लापता हैं। वहीं अन्य मिडीया खबरों की माने तो इस प्राकृतिक आपदा के कारण अभी तक 256 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि बड़ी संख्या में यहां लोगों के घायल होने की भी खबर है और अब भी कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।

इधर बचाव दल ने तलाशी अभियान के आज तीसरे दिन मलबे में फंसे लोगों को खोजने के प्रयास तेज कर दिए। उफनती नदियों पर अब छोटे-छोटे अस्थायी पुल बनाए गए हैं और भूस्खलन प्रभावित वायनाड के इलाकों में मलबे और पत्थरों के ढेर को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। सेना के जवान, NDRF, राज्य आपात सेवा के जवान और स्थानीय लोगों समेत बचावकर्मी कई इलाकों में बारिश जारी रहने के बावजूद इस कठिन अभियान को अंजाम देने के लिए सभी बाधाओं से जूझ रहे हैं।

आज केरल के वायनाड में बचाव अभियान पर मेजर जनरल मैथ्यू ने कहा, "हम 30 तारीख की सुबह से केरल सरकार और वायनाड के लोगों की मदद के लिए यहां हैं। अब तक हमने 100 से ज़्यादा शव बरामद किए हैं, कुल मिलाकर शवों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा है। हमने इसमें 500 सैनिकों को इस अभियान में शामिल किया है, अभी ऑपरेशन का यह तीसरा दिन है। फंसे हुए सभी लोगों को बचा लिया गया है। अब हमें यह देखना है कि घर के अंदर कोई व्यक्ति फंसा हुआ तो नहीं है, इसके लिए हमें भारी उपकरणों की ज़रूरत है। हम बचाव अभियान में लगे हुए हैं। अभी हमारा ध्यान घर के अंदर फंसे लोगों की तलाश पर है।हम अपने डॉग स्क्वायड का भी उपयोग करेंगे।"

इस घटना पर केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन कहा, ‘‘वायनाड में बचाव अभियान पूरे जोरों पर जारी है। हमने अपनी धरती पर पहले कभी ऐसे भयानक दृश्य नहीं देखे हैं।'' इससे पहले मुख्यमंत्री विजयन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। विजयन ने कहा कि जिले के मुंडक्कई और चूरलमाला इलाकों में दृश्य भयानक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ये दोनों इलाके पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।आपदा क्षेत्र से अधिक से अधिक लोगों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा था कि , ‘‘दो दिन के बचाव अभियान में 1,592 लोगों को बचाया गया। समन्वित और व्यापक प्रयासों के तहत इतने कम समय में अधिक से अधिक लोगों को बचाया जा सका है।'' लैंडस्लाइड के बाद जारी बचाव अभियान के परिणामस्वरूप फंसे हुए 1,386 लोगों और अपने घरों में फंसे लोगों को बचाया गया।

यह लैंडस्लाइड की घटनाएं बीते मंगलवार को तड़के मुंडक्कई, चूरलमाला में हुईं, जिससे अपने घरों में सो रहे लोगों को जान बचाने का मौका तक नहीं मिल सका। वहीं बुधवार सुबह भूस्खलन से तबाह मुंडक्कई गांव में बचाव अभियान फिर से शुरू होने पर जमींदोज हुए मकानों के अंदर बैठे और लेटी हुई अवस्था में शवों के भयावह दृश्य देखने को मिले।

आधीकारीक रुप से जिला प्रशासन ने कहा कि जान गंवाने वाले 167 लोगों में 22 बच्चे भी हैं। इसने कहा कि 96 शवों की पहचान कर ली गई है। प्रशासन ने कहा कि मृतकों में 77 पुरुष और 67 महिलाएं शामिल हैं। हालांकी अन्य मिडीया खबरों मे यह संख्या भीन्न है. जिला प्रशासन के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्रों से 219 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें 78 का उपचार अब भी जारी है जबकि 142 लोगों को इलाज के बाद शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में, 73 लोग वायनाड में और पांच मलप्पुरम में इलाज करा रहे हैं।

मूसलाधार बारिश के कारण बड़े पैमाने पर हुए लैंडस्लाइड ने मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ है। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।

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