बेंगलुरु: कर्नाटक कांग्रेस में इन दिनों अंदरूनी हलचल तेज हो गई है। पार्टी विधायकों के साथ कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला की हालिया बैठक के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें उठने लगीं। हालांकि, मंत्री एचके पाटिल ने इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि इस बैठक का मकसद केवल संगठनात्मक मुद्दों और विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मसलों पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस प्रक्रिया का नेतृत्व परिवर्तन से कोई लेना-देना नहीं है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य में सरकार के प्रदर्शन और कुछ विधायकों की नाराजगी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इन हालातों में अचानक हुई इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दी। लेकिन एचके पाटिल ने इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि बैठक पूरी तरह पार्टी के आंतरिक ढांचे को मज़बूत करने को लेकर थी और इसे किसी सियासी बदलाव से जोड़ना गलत होगा।
संगठन पर मंथन, नहीं होगी कोई 'बदलाव' की पहल बैठक में सुरजेवाला ने विधायकों से उनके निर्वाचन क्षेत्रों की स्थिति, जनता की अपेक्षाएं और पार्टी के कामकाज पर चर्चा की। पाटिल ने जोर देकर कहा कि यह एक नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया है और पार्टी नेतृत्व में बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया में चल रही अटकलें पूरी तरह निराधार हैं।
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नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर फुलस्टॉप
पाटिल ने बताया कि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी की यह पहल केवल संवाद और समन्वय बढ़ाने की दिशा में है। ऐसे में इसे मुख्यमंत्री बदलने की कोशिश के रूप में देखना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी एकजुट है और आगामी चुनावों को लेकर तैयारियों में जुटी हुई है।