CM सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार (Image- Social Media) 
देश

सिद्धारमैया की दिल्ली पॉलिटिक्स में एंट्री या डीके का बढ़ेगा इंतजार? राहुल-खरगे सुलझाएंगे कर्नाटक का कलह!

Karnataka Congress Crisis: कर्नाटक के सियासी संकट को सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान के पास तीन विकल्प हैं। पार्टी जल्द ही कर्नाटक को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।

अर्पित शुक्ला

Karnataka Congress Chief Minister Battle: कर्नाटक कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह शांत नहीं हो रही है। इसी गतिरोध सुलझाने के लिए पार्टी आलाकमान जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। खबरों के अनुसार पार्टी आज बड़ी बैठक करेगी। इस बैठक के लिए कांग्रेस ने सीएम सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाया है। ऐसी माना जा रहा है कि इस महीने के खत्म होने से पहले कांग्रेस कर्नाटक से जुड़े सभी मामलों को सुलझा लेगी।

इस गतिरोध को सुलझाने के लिए जल्द ही सीएम सिद्धारमैया के साथ डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को भी दिल्ली बुलाया जा सकता है। कांग्रेस पार्टी के पास फिलहाल कर्नाटक के मसले को सुलझाने के तीन विकल्प मौजूद हैं...

सिद्धारमैया को CM बने रहने दिया जाए

कांग्रेस के पास पहला विकल्प यह है कि सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री के तौर पर काम जारी रखने दिया जाए और साथ ही उनको लंबे समय से अटके कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाए। कांग्रेस के इस कदम से सरकार और पार्टी के भीतर सिद्धारमैया की स्थिति ऐर मजबूत होगी। इसका यह भी मतलब होगा कि डी.के. शिवकुमार को शीर्ष पर पहुंचने के लिए लिए और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में, कांग्रेस को डी.के. शिवकुमार को मनाना होगा, जिसके लिए उनके कैबिनेट विभागों को और मजबूत किया जा सकता है। इसके साथ ही शिवकुमार के भाई और करीबी सहयोगियों को बड़ी भूमिकाएं दी जा सकती हैं।

सिद्धारमैया को दिल्ली की राजनीति में भेजा जाए

कांग्रेस के पास दूसरा विकल्प भी है, जिस पर चर्चा हो रही है कि सिद्धारमैया के लिए संभावित राष्ट्रीय भूमिका। कांग्रेस नेतृत्व उनको राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद देकर दिल्ली भेजने पर विचार कर सकता है। ऐसी स्थिति बनने पर पार्टी के कुछ लोग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी कर्नाटक में सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक सर्वसम्मत और सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।

सिद्धारमैया को मनाए कांग्रेस नेतृत्व

अब अगर पिछले दो विकल्प नहीं कान करते हैं तो आलाकमान के सामने तीसरा विकल्प यह है कि सिद्धारमैया को पद छोड़ने के लिए मनाया जाए। जिससे लंबे समय से चले आ रहे पावर शेयरिंग के वादे के अनुरूप डी.के. के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो। वहीं, सिद्धारमैया ने बी सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि कांग्रेस आलाकमान जो भी फैसला लेगा, वह उसका पालन करेंगे।

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर अगले दो-तीन दिन में फैसला संभव है। इसके लिए खुद राहुल गांधी सीएम सिद्धारमैया और डीके से बात करेंगे। इस दौरान कैबिनेट, राज्यसभा, विधानपरिषद सीटों को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट मार्च का ऐलान, इससे पहले CJI ने मुलाकात से किया इनकार

Delhi CJP Protest: CEC के खिलाफ फिर जुटे प्रदर्शनकारी, कनॉट प्लेस से किए गए डिटेन

कानून का पालन नहीं करती CJP, दिल्ली पुलिस ने बताया क्यों नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति?

दिल्ली पुलिस के दावे पर दिपके का पलटवार; बोले- कोई बॉन्ड नहीं भरा, कहा CEC के इस्तीफे तक जारी रहेगी जंग

दादी के निधन पर फोन देने से इनकार! अभिजीत दिपके ने नागपुर एयरपोर्ट पहुंच खोला दिल्ली पुलिस का कच्चा चिट्ठा