राष्ट्रपति से अवार्ड ग्रहण करते हुए कैलाश विजयवर्गीय (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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स्वच्छ शहरों में इंदौर का जलवा बरकरार, UP के भी इस शहर ने फहराया परचम

Swachh Bharat Survekshan Result: इंदौर ने लगातार आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब अपने नाम किया है। पिछले साल भी सूरत ने इंदौर के साथ स्वच्छता का पुरस्कार साझा किया था। जिसे इस बार दूसरा स्थान मिला।

अभिषेक सिंह

Swachh Bharat Survekshan Result: स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के नतीजे आज यानी 17 जुलाई को सामने आ गए हैं। इन नतीजों में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर ने एक बार फिर बाजी मारी है। सूरत दूसरे और नवी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा है। हर साल के विपरीत, इस साल इसे जनसंख्या के आधार पर श्रेणियों में विभाजित किया गया है। यह पूरा कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया था।

इंदौर ने लगातार आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब अपने नाम किया है। पिछले साल भी सूरत ने इंदौर के साथ स्वच्छता का पुरस्कार साझा किया था। हालाँकि, इस बार सूरत दूसरे स्थान पर रहा है। इस बार सुपर स्वच्छ लीग को 5 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले स्थान, 3 से 10 लाख की आबादी, 50 हज़ार से 3 लाख की आबादी, 20 से 50 हज़ार की आबादी और 20 हज़ार से कम आबादी वाले स्थान शामिल हैं।

यह एक अलग युग है - विजयवर्गीय

इंदौर ने स्वच्छता में आठवीं बार बाजी मारी है, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पुरस्कार ग्रहण करने पहुँचे। विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सुपर स्वच्छ इंदौर, यह एक अलग युग है! आज नई दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत पुरस्कार ग्रहण करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है।

इंदौर ने बरकरार रखा अपना ताज

10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सुपर स्वच्छ लीग की पहली श्रेणी में इंदौर ने अपना ताज बरकरार रखा है। वहीं, इस पहले स्थान पर एक ही नाम है। गुजरात का सूरत दूसरे और नवी मुंबई तीसरे स्थान पर है, जबकि विजयवाड़ा ने चौथे स्थान पर बाजी मारी है।

नोएडा ने भी बाजी मारी

सुपर स्वच्छ लीग में 3 से 10 लाख की आबादी वाली श्रेणी में नोएडा ने बाजी मारी है। इसके अलावा, चंडीगढ़ दूसरे, मैसूर तीसरे, उज्जैन चौथे, गांधीनगर पाँचवें और गुंटूर छठे स्थान पर रहा है। 50 हज़ार से 3 लाख की आबादी वाले सुपर स्वच्छ लीग में नई दिल्ली का दबदबा रहा है। इस श्रेणी में तिरुपति दूसरे, अंबिकापुर तीसरे और लोनावाला चौथे स्थान पर रहा।

सुपर स्वच्छ लीग में 20 से 50 हज़ार की आबादी वाले शहरों में वीटा पहले, सासवड़ दूसरे, देवलानी परवाड़ा तीसरे और डूंगरपुर चौथे स्थान पर रहा। सुपर स्वच्छ लीग में 20 हज़ार से कम आबादी वाले शहरों में पंचगनी पहले, पाटन दूसरे, पन्हाला तीसरे, विश्रामपुर चौथे और बुदनी पाँचवें स्थान पर रहा।

9 सालों से हो रहा सर्वेक्षण

शहरी भारत की स्वच्छता यात्रा को नई दिशा देने वाला 'स्वच्छ सर्वेक्षण' पिछले नौ वर्षों से स्वच्छता के प्रति देश का नज़रिया बदल रहा है। वर्ष 2016 में सिर्फ़ 73 नगरीय निकायों से शुरू हुआ यह अभियान अब 4,500 से ज़्यादा शहरों तक पहुँच चुका है। इस सर्वेक्षण का केंद्र बिंदु "रिड्यूस, रीयूज़, रीसाइकल" की अवधारणा पर था। 45 दिनों तक चले मूल्यांकन में 3,000 से अधिक प्रशिक्षित लोगों ने मूल्यांकन के लिए देश भर के हजारों वार्डों का दौरा किया और 11 लाख से अधिक घरों का निरीक्षण कर स्वच्छता की वास्तविक तस्वीर पेश की।

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