नई दिल्ली: भारतीय नौसेना ने रविवार ( 5 मार्च) को अरब सागर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के पोत से छोड़े जाने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि, जिस मिसाइल का परीक्षण किया गया, उसमें स्वदेशी "सीकर और बूस्टर" था।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, "भारतीय नौसेना ने डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किए गए स्वदेशी सीकर और बूस्टर के साथ ब्रह्मोस मिसाइल को अरब सागर में एक सफल सटीक हमला किया, जो रक्षा में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भरता) के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।"
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भारतीय नौसेना के अधिकारी ने बताया कि, मिसाइल का परीक्षण कोलकाता श्रेणी के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत से किया गया। मिसाइल में स्वदेशी सामग्री बढ़ाने पर ब्रह्मोस एयरोस्पेस लगातार काम कर रहा है।
भारतीय-रूसी संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का उत्पादन करता है, जिसे पनडुब्बियों, पोत, विमानों या भूमि स्थित मंचों से प्रक्षेपित किया जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल 2.8 मैक या ध्वनि की गति से लगभग तीन गुनी रफ्तार से लक्ष्य की तरफ जाती है। सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के पोत रोधी संस्करण का पिछले साल अप्रैल में भारतीय नौसेना तथा अंडमान और निकोबार कमान द्वारा संयुक्त रूप से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।