Apache Helicopter USA: भारतीय सेना की ताकत में मंगलवार को इजाफा हो गया। अमेरिका ने AH-64E अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टरों को भारतीय सेना को डिलीवर कर दिया। अमेरिका ने हेलिकॉप्टरों के ये दूसरे बैच की डिलीवरी दी है। इसके साथ ही सेना को अब सभी 6 हेलिकॉप्टर मिल गए हैं। बता दें, भारत ने अमेरिका के साथ 6 अपाचे हेलिकॉप्टरों का सौदा किया था। मंगलवार को अपाचे हेलिकॉप्टरों का दूसरा बैच गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर उतरा। इन हेलिकॉप्टरों को राजस्थान के जोधपुर में स्थित 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा।
अमेरिका द्वारा निर्मित AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर को दुनिया के सबसे बेहतरीन मल्टीरोल लड़ाकू हेलिकॉप्टरों में से एक माना जाता है। भारी मारक क्षमता और युद्धक्षेत्र में डटे रहने की खूबियों के चलते अपाचे हेलिकॉप्टर को फ्लाइंग टैंक के नाम से भी जाना जाता है। ये हेलिकॉप्टर अमेरिकी सेना की रीढ़ है। अमेरिका ने कई देशों में ऑपरेशन के दौरान इसे इस्तेमाल किया है।
अपाचे हेलिकॉप्टर हेलफायर मिसाइलों, 70 मिमी रॉकेट और 30 मिमी चेन गन से लैस होता है। 30 मिमी चेन गन सिस्टम एक मिनट में 600-650 गोलियां दागने की क्षमता रखता है। ये हेलिकॉप्टर दुश्मन के ठिकानों, बंकरों और एयर डिफेंस सिस्टम्स को निशाना बनाने में सक्षम है। अपाचे हेलिकॉप्टर में टॉप क्लास के सेंसर लगे हैं। ये हेलिकॉप्टर रात में लड़ने की भी क्षमता रखता और खतरे वाले इलाकों एवं पहाड़ी इलाकों में काफी प्रभावी हैं।
भारत सरकार ने 2020 में अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग के साथ सेना के लिए 6 अपाचे हेलिकॉप्टरों की खरीद के लिए 4,168 करोड़ रुपये का सौदा किया था। इस हेलिकॉप्टर की खरीद को भारत की रक्षा ताकत को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। ये हेलिकॉप्टर चुनौतीपूर्ण इलाकों में सेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएंगे। सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के तहत अपाचे हेलिकॉप्टरों की खरीद बड़ा कदम है। बता दें कि इससे पहले भारतीय वायुसेना ने 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों को अपने बेड़े में शामिल किया था।
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AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर कई देशों के पास हैं। इनमें मुख्य रूप से अमेरिका, इजराइल, जापान, नीदरलैंड, मिस्र, सऊदी अरब, यूएई, सिंगापुर, यूके, ग्रीस, दक्षिण कोरिया, कुवैत और इंडोनेशिया शामिल हैं।