INDIA Alliance's Vice-Presidential Candidate B. Sudarshan Reddy Filed Nomination: उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपना नामांकन दाखिल कर लिया है। इस मौके पर विपक्ष ने एकजुटता दिखाई। सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत मल्लिकार्जुन खरगे की उपस्थिति में रेड्डी ने अपने पद की दावेदारी के सारे नियम पूरे किए। साथ ही अन्य पार्टियों के बड़े व अनुभवी नेता, NCP-SCP प्रमुख शरद पवार, सपा सांसद राम गोपाल यादव, DMK सांसद तिरुचि शिवा, शिवसेना सांसद संजय राउत नामांकन के समय मौजूद रहे।
आगामी 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में आज बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपना नामांकन दाखिल कर लिया है। नाम दाखिल करने के बाद न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपनी जिम्मेदारियों को लेकर कुछ संकल्प लिए हैं। रेड्डी ने उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों को लेकर बात करते हुए कहा, उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के सभापति के रूप में, संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं की रक्षा करने के लिए जिम्मेदार होता है।
आगे उन्होंने कहा कि 'अगर मैं निर्वाचित होता हूं, तो इस भूमिका को निष्पक्षता, गरिमा और संवाद -शिष्टाचार के साथ निभाने का संकल्प लेता हूं। साथ ही मैं विपक्षी दलों के नेताओं का आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और उन नागरिकों का भी धन्यवाद करता हूं जो न्याय, समानता और सद्भाव की इस सामूहिक यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। अपने संविधान में विश्वास और अपने लोगों में उम्मीद के साथ, मैं इस यात्रा पर निकल रहा हूं। हमारी लोकतांत्रिक भावना हम सभी का मार्गदर्शन करती रहे।'
विपक्षी दल के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और गोवा के पहले लोकायुक्त भी रह चुके हैं। वे आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्हें साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। रेड्डी का सीधा मुकाबला एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा। दोनों ही पार्टी के प्रत्याशी दक्षिण भारत से जुड़े हुए हैं। राधाकृष्णन ने बुधवार को नामांकन दाखिल कर दिया था। दरअसल, उपराष्ट्रपति का चुनाव जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को इस्तीफा देने की वजह से हो रहा है। धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक होना तय था।
उपराष्ट्रपति पद के नामांकन से ठीक पहले यानि बुधवार को ‘इंडिया अलायंस’ के नेताओं ने बी. सुदर्शन रेड्डी की सम्मान में एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया था। यह समारोह संसद भवन परिसर के सेंट्रल हॉल में आयोजित किया गया। इस आयोजन में रेड्डी को सम्मानित किया गया। विपक्षी दलों ने उनकी दावेदारी को पार्टी की तरफ से एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी न्याय के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के लिए निडरता से काम किया और ऐसे ऐतिहासिक फैसले दिए, जिन्होंने हमारे लोकतंत्र को मजबूत किया।
यह उपराष्ट्रपति चुनाव केवल एक पद के लिए नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की आत्मा के लिए वैचारिक संघर्ष है। जहां सत्तारूढ़ दल ने आरएसएस की विचारधारा को चुना है, वहीं हम संविधान और उसके मूल्यों को अपना मार्गदर्शक मानते हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बी. रेड्डी की प्रशंसा करते नहीं थकते। वह उन्हें उन शाश्वत मूल्यों का प्रतीक हैं, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को गति दी, जो हमारे संविधान की नींव हैं। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि, संसद एक मजबूत मंच के रूप में कार्य करे, जहां सांसद स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से लोगों की समस्याओं और आकांक्षाओं को व्यक्त कर सकें।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर नामांकन का कार्यक्रम साझा किया। विपक्षी INDIA गठबंधन के तमाम नेता सुबह 11 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में एकसाथ एकत्र हुए। इसके बाद वे एकसाथ मिलकर राज्यसभा महासचिव और उपराष्ट्रपति चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर पी.सी मोदी के कार्यालय पहुंच बी. सुदर्शन रेड्डी का नाम नामांकित किया।