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वोट चोरी मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेता गुरुवार शाम एक वर्चुअल बैठक करेंगे।
बैठक में 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली की तैयारियों की समीक्षा भी की जाएगी।
पिछले हफ्ते, विपक्षी नेता इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च भी कर चुके हैं।
INDIA Alliance Delhi Rally November 1: विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के नेता गुरुवार शाम एक वर्चुअल बैठक करेंगे, जिसमें 'वोट चोरी' के मुद्दे पर अपने अभियान की रणनीति तैयार की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में 'वोट चोरी' के खिलाफ भविष्य के विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने की रणनीति पर चर्चा होगी।
इसके अलावा, 1 नवंबर को दिल्ली में 'INDIA' गठबंधन की प्रस्तावित रैली की तैयारियों की समीक्षा भी की जाएगी। विपक्षी दल लगातार कथित 'वोट चोरी' का मुद्दा उठाते रहे हैं। पिछले हफ्ते, विपक्षी नेता इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च भी कर चुके हैं।
इससे पहले, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 13 अक्टूबर को अपने आवास पर 'INDIA' गठबंधन के नेताओं को चाय पर आमंत्रित किया था। उस बैठक के बाद, विपक्षी गठबंधन ने कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने और इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई को तार्किक अंजाम तक ले जाने का संकल्प लिया था।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को 2023 के उस कानून को रद्द करने की मांग की, जो चुनाव आयुक्तों को सुरक्षा कवच प्रदान करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को कमजोर किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के बजाय पेपर बैलेट से कराए जाने चाहिए। खरगे ने सवाल किया, "क्या आप (चुनाव आयुक्त) संविधान से ऊपर हैं?"
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयुक्तों को जवाबदेही से बचा रही है। उन्होंने मांग की, "आपने जो कानून बनाया है, जिसके तहत उन्हें कानूनी कार्रवाई से छूट (इम्युनिटी) मिलती है, उसे रद्द करें।"
कांग्रेस अध्यक्ष 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' का जिक्र कर रहे थे। यह कानून चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए किए गए कार्यों या कही गई बातों के लिए दीवानी और आपराधिक कार्यवाही से सुरक्षा प्रदान करता है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के केंद्रीय कार्यालय से सॉफ्टवेयर के जरिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मतदाता सूची में बदलाव करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "कौन जीतता है, इससे हमें कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों। संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि केवल कांग्रेस या किसी विशेष पार्टी को ही जीतना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष किसी खास व्यक्ति या पार्टी के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लड़ रहा है। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी नेताओं के पत्रों का सीधा जवाब नहीं देते, बल्कि दूसरों के जरिए जवाब दिलवाते हैं।
- एजेंसी इनपुट के साथ