असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सोर्स-सोशल मीडिया
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हेमंत का राहुल गांधी पर वार: बोले- खड़गे के बरामदे में ही पीएम बन सकते हैं राहुल, मॉक पार्लियामेंट पर कसा तंज!

Hemant Attacks Rahul Gandhi: असम के मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा सरमा का राहुल गांधी को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि राहुल कभी लोकसभा में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं।

आशीष शुक्ला

Highlights:

  • मॉक पार्लियामेंट को लेकर हेमंत ने दिया बड़ा बयान

  • असम के सीएम हेमंत विस्वा सरमा ने राहुल पर किया कटाक्ष

  • भाजपा ने विपक्ष के मॉक पार्लियामेंट की आलोचना की

Hemant Say Rahul Could Become PM Right There On Kharge Veranda: बीते दिनों इंडिया गठबंधन के द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया आयोजित नकली संसद (मॉक पार्लियामेंट) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता केवल खड़गे के बरामदे में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

विपक्ष की इस प्रतीकात्मक कार्यवाही पर कटाक्ष करते हुए सरमा ने कहा कि राहुल गांधी कभी लोकसभा में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, और नरेंद्र मोदी ही इस पद पर बने रहेंगे। शर्मा ने आगे कहा, राहुल गांधी केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के बरामदे में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं। वह लोकसभा में कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। लोकसभा में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

INDIA गठबंधन का मॉक पार्लियामेंट

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी तब आई, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में खड़गे के आवास पर एक नकली संसदीय कार्यवाही आयोजित की। इसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक तरह की सार्वजनिक महाभियोग प्रक्रिया के रूप में पेश किया गया।

इस कार्यवाही की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की, जबकि खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया। राहुल गांधी ने समापन भाषण दिया। विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग पर चुनावी निष्पक्षता को कमजोर करने का आरोप लगाया और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर चिंता जताई।

भाजपा ने की आलोचना

भाजपा ने विपक्ष की इस पहल की आलोचना की है। उन्होंने इसके राजनीतिक उद्देश्यों पर सवाल उठाए हैं और कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह अपनी चुनावी हार को छिपाने के लिए 'SIR' के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पारदर्शिता और चुनावी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

यह कार्यक्रम इंडिया गठबंधन के उस व्यापक अभियान का हिस्सा था, जो कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली भी आयोजित की गई थी।

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