Goa Night Club Bulldoze: गोवा की खूबसूरत वादियों में इस समय मातम पसर हुआ है। जिस रंगीन नाइट क्लब में संगीत और मस्ती का माहौल था, आज वहां सिर्फ मलबे का ढेर बचा है। 7 दिसंबर की काली रात को लगी भीषण आग ने 25 हंसते-खेलते लोगों की जिंदगी छीन ली। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद आखिरकार प्रशासन की नींद टूटी और रोमियो क्लब को जमींदोज कर दिया गया। लेकिन सवाल अभी भी वही है कि आखिर इन मौतों का असली जिम्मेदार कौन है और कब तक ऐसे अवैध निर्माण लोगों की जान लेते रहेंगे।
हादसे के बाद गुस्से और सवालों के बीच गोवा सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रोमियो लेन क्लब पर बुलडोजर चलाया गया। पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर धीरज वागले ने मौके पर साफ किया कि समुद्र तट की ओर किए गए अवैध अतिक्रमण को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई के दौरान कुल 198 वर्ग मीटर का क्षेत्र पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन अब उन कमियों को दूर करने में लगा है जिनकी अनदेखी की वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ और मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा हादसे के तुरंत बाद देश छोड़कर भाग निकले हैं। खबर है कि वे थाईलैंड के फुकेत में छिपे हो सकते हैं। इसे देखते हुए गोवा सीएमओ ने जानकारी दी है कि इंटरपोल ने दोनों भाइयों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। यह नोटिस किसी अपराधी की पहचान और लोकेशन पता करने के लिए जारी किया जाता है। पुलिस अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से इन भगोड़े मालिकों को वापस लाने की कोशिश में जुटी है ताकि कानून का शिकंजा कसा जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
यह भी पढ़ें: ‘चुनाव चोरी’ से लेकर ‘RSS के कब्जे’ तक… संसद में राहुल गांधी के भाषण पर मचा बवाल? जानें पूरा मामला
इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन कार्रवाई यहीं नहीं रुकी है। पुलिस ने क्लब के अन्य दो मालिकों अजय गुप्ता और सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है ताकि वे देश से बाहर न भाग सकें। जांच में सामने आया है कि आग लगने के वक्त लूथरा ब्रदर्स गोवा में मौजूद नहीं थे, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते वे ही मुख्य आरोपी हैं। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में लगा है कि भविष्य में गोवा की नाइट लाइफ किसी और की जिंदगी के लिए काल न बने।