Gen Z Girl Apologizes To Indian Army: लद्दाख के एक चेकपोस्ट पर सुरक्षा कर्मियों से बहस करने वाली पर्यटक ने अब अपने किए पर गहरा अफसोस जताया है। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह ट्रैफिक रोके जाने पर सुरक्षा कर्मियों से उलझती और खुद को 'Gen Z' बताती नजर आई थी। अब इस महिला पर्यटक ने भारतीय सेना के जवानों से अपने इस व्यवहार के लिए सीधे तौर पर माफी मांग ली है। महिला ने हाथ जोड़ते हुए कहा, 'कृपया मेरे देश के जवान भाई, मुझे माफ कर दो।'
यह विवाद लद्दाख के मिनिमर्ग चेकपोस्ट पर शुरू हुआ था। वायरल वीडियो में देखा जा सकता था कि पर्यटक महिला कई घंटों से ट्रैफिक रोके जाने के कारण बेहद गुस्से में थी। उसने सुरक्षा नियमों और प्रतिबंधों पर तीखे सवाल खड़े किए और मौके पर मौजूद अन्य पर्यटकों से भी वहां से चले जाने की अपील की। बहस के दौरान उसने बेहद आक्रामक होकर कहा था, 'हम Gen Z हैं और इस तरह की बकवास बर्दाश्त नहीं करने वाले।'
विवाद उस समय और अधिक बढ़ गया जब महिला पर्यटक ने सुरक्षा बलों को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी। उसने कहा, 'हमारे टैक्स से सबको सैलरी जाती है, ये हमसे ऊपर हो गए अब? जाएंगे तो सारे जाएंगे, वरना कोई नहीं जाएगा।' इस टिप्पणी का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इंटरनेट यूजर्स ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति महिला के इस अहंकार और बात करने के तरीके की कड़ी आलोचना की।
इस वायरल वीडियो पर चौतरफा प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी इस महिला के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी। उमर अब्दुल्ला ने महिला द्वारा बार-बार 'Gen Z' शब्द का रोना रोने पर तंज कसते हुए कहा कि यह रवैया अब पुराने 'जानते नहीं हो मेरे बाप कौन हैं' वाले घमंडी अंदाज जैसा ही होता जा रहा है। इस भारी विरोध के बाद आखिरकार महिला को अपनी भूल का अहसास हुआ।
अब अपनी गलती को स्वीकार करते हुए महिला ने भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर सेना के जवानों की जमकर तारीफ की है। उसने कहा कि देश के जवान हमारी सीमाओं पर तैनात रहते हैं, ताकि हम सब अपने घरों में सुरक्षित रह सकें और चैन से सो सकें। महिला ने माना कि चेकपोस्ट पर जो कुछ भी हुआ, वह उसकी बड़ी भूल थी और उसे अपनी गलती का अहसास बहुत ही जल्दी हो गया था।
उसने सफाई देते हुए कहा, 'हम लोग निराशा और गुस्से में आकर कुछ भी बोल देते हैं, लेकिन आप हमें कभी कुछ नहीं कहते।' इसके साथ ही उसने जवानों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे उसे 'अपनी छोटी बहन समझकर माफ कर दें।'