सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि (Image- Social Media) 
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BJP ने देशद्रोही, कांग्रेस ने संघी बताया...सोनम वांगचुक की पत्नी बोलीं- झंडे अलग, राजनीति का तरीका एक

Geetanjali Angmo: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की राजनीतिक कार्यशैली व सोशल मीडिया ट्रोलिंग की आलोचना करते हुए कहा कि देश को राजनीति का ग्रामर बदलने की जरूरत है।

अर्पित शुक्ला

Geetanjali Angmo on BJP-Congress: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने देश की मौजूदा राजनीतिक संस्कृति और सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के समर्थकों के काम करने के तरीके में कोई खास अंतर नहीं है और देश को सिर्फ सरकार बदलने की नहीं, बल्कि राजनीति की पूरी संस्कृति बदलने की जरूरत है।

'पहले देशद्रोही कहा, अब संघी बता रहे'

गीतांजलि अंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जब सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया था, तब भाजपा आईटी सेल की ओर से उन्हें देशद्रोही, चीनी एजेंट और विदेशी फंडिंग लेने वाला बताया गया। उन्होंने आगे कहा कि अब जब उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को "ढोंग" बताया, तो कांग्रेस समर्थक उन्हें संघी, आरएसएस समर्थक और भाजपा का चमचा कह रहे हैं।

'झंडे अलग, राजनीति का तरीका एक'

गीतांजलि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा कि दोनों दलों के झंडे भले अलग हों, लेकिन राजनीति करने का तरीका एक जैसा हो गया है। उनके मुताबिक यह प्रवृत्ति देश की लोकतांत्रिक संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही है।

'भारत को राजनीति का ग्रामर बदलना होगा'

अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि भारत को केवल सरकार बदलने की नहीं, बल्कि राजनीति का "ग्रामर" बदलने की जरूरत है। उन्होंने लिखा कि ऐसी राजनीति होनी चाहिए जहां, असहमति का जवाब संवाद से दिया जाए, गाली-गलौज से नहीं। देशभक्ति का आकलन पार्टी से नहीं, ईमानदारी से किया जाए। सच्चाई, राजनीतिक वफादारी से अधिक महत्वपूर्ण हो।

CJP आंदोलन में भी रहीं सक्रिय

गीतांजलि अंगमो हाल के छात्र आंदोलन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के धरने में भी सक्रिय नजर आई थीं। 18 जुलाई को जब सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया था, तब उन्होंने अदालत से उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की थी। बाद में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और 27 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

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