Bank Saturday Holiday Viral Notice Fact Check: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) और अन्य यूनियनों अपनी मागों को लेकर तीन दिनों के देशव्यापी हड़ताल करने ऐलान किया था। UFBU की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली को अपनाने और हर शनिवार को अवकाश घोषित किया जाना शामिल था। इसी बीच सोशल मीडिया पर वित्त मंत्रालय का एक नोटिस तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके मुताबिक UFBU की मांगों को मान लिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नोटिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 से SBI समेत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हर शनिवार छुट्टी घोषित कर दी गई है। पोस्ट में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के नाम से S.O. 4275(E) संख्या वाली अधिसूचना दिखाई गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नोटिस में दावा किया गया है कि विनिमय लेख अधिनियम 1881 की धारा 25 के तहत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सभी शाखाओं में हर शनिवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित कर दिया गया है। वायरल नोटिस में यह भी कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, वित्त मंत्रालय की ओर से इसी पुष्टि नहीं की गई है।
इससे पहले वित्त मंत्रालय की ओर से 21 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक PIB बयान में स्पष्ट किया गया था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में फिलहाल दूसरे और चौथे शनिवार को ही सार्वजनिक अवकाश रहता है। बयान में बाकी शनिवारों को बैंकिंग सेवाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्यदिवस बताया गया था। ऐसे में वायरल नोटिस में हर शनिवार बैंक बंद रहने का दावा आधिकारिक जानकारी से मेल नहीं खाता है।
इसके बाद 23 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने 27 सितंबर रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सामान्य रूप से खोलने की घोषणा की थी। यह फैसला 28 से 30 सितंबर के बीच प्रस्तावित बैंक हड़ताल को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। इसका मकसद ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं से प्रभावित होने से बचाना था।
उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर 30 सितंबर 2026 से SBI समेत सभी सरकारी बैंकों में हर शनिवार छुट्टी लागू होने की पुष्टि नहीं होती है। इसके उलट 21 सितंबर के वित्त मंत्रालय के आधिकारिक बयान में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को अभी भी लंबित मांग बताया गया था और बाकी शनिवारों को कार्यदिवस के तौर पर स्पष्ट किया गया था। इसलिए वायरल हो रहा हर शनिवार बैंक बंद रहने का दावा फिलहाल गलत और अपुष्ट है।