प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया 
देश

SIR डेडलाइन पर आज EC की अहम बैठक: यूपी-बंगाल समेत 12 राज्यों में बढ़ सकती है समयसीमा

SIR Meeting: मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के फॉर्म जमा करने की आज आखिरी तारीख है। चुनाव आयोग आज प्रगति की समीक्षा करेगा और कई राज्यों के लिए समयसीमा बढ़ाने पर विचार करेगा।

प्रतीक पाण्डेय

EC Meeting on SIR Deadline: केरल को छोड़कर 11 राज्यों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के फॉर्म जमा करने की आज अंतिम तिथि है। चुनाव आयोग आज एक अहम बैठक करेगा। इस मीटिंग में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित धीमी प्रगति वाले राज्यों के लिए SIR की डेडलाइन बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

भारत निर्वाचन आयोग (EC) आज स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। यह बैठक 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख के दिन हो रही है। चुनाव आयोग के अधिकारी इस दौरान फॉर्म डिजिटाइजेशन और जमा करने की प्रगति का गहन रिव्यू करेंगे। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित जिन राज्यों में SIR का काम तय समय से पीछे चल रहा है, उनके लिए समय सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल भी उन राज्यों में शामिल है जहां डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है। जिन 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR चल रहा है, उनमें अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

पहले भी बढ़ाई जा चुकी है समय सीमा

आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतित बनाने के लिए अतिरिक्त समय देना जरूरी है। इससे पहले चुनाव आयोग ने 30 नवंबर को भी SIR की समय सीमा एक सप्ताह के लिए बढ़ाई थी। इस विस्तार के बाद, मतदाता जोड़ने-हटाने का एन्यूमरेशन पीरियड यानी वोटर वेरिफिकेशन की अंतिम तारीख 4 दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी गई थी। साथ ही, ड्राफ्ट लिस्ट जारी करने की तारीख 9 दिसंबर से बदलकर 16 दिसंबर कर दी गई थी। आयोग ने यह भी कहा था कि अंतिम मतदाता सूची अब 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

SIR का मुख्य उद्देश्य क्या है?

SIR चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसका मुख्य लक्ष्य वोटर लिस्ट को अपडेट और व्यवस्थित करना है। इस प्रक्रिया के तहत, 18 साल से अधिक के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। इसके अलावा, ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है, जो शिफ्ट हो चुके हैं, या जिनके नाम वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। इस काम में 5.33 लाख बीएलओ (BLO) और 7 लाख से ज्यादा राजनीतिक दलों के बीएलए (BLA) लगाए जाएंगे।

ड्राफ्ट जारी होने से पहले दलों को मिलेगी लिस्ट

निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि SIR प्रक्रिया के तहत, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होने से पहले मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित वोटरों की सूची दी जाएगी। ये वे मतदाता हैं जिनसे बूथ लेवल ऑफिसर तीन बार संपर्क करने में असमर्थ रहे।

वोटरों के लिए जरूरी जानकारी: यदि किसी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, तो वह नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म भरकर संबंधित दस्तावेज दे सकता है। मतदाता अपनी पहचान स्थापित करने के लिए आधार कार्ड को एक अतिरिक्त दस्तावेज के रूप में भी स्वीकार करवा सकते हैं, लेकिन यह नागरिकता प्रमाण के रूप में मान्य नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति दो जगह वोटर लिस्ट में नामित है, तो उसे एक जगह से नाम कटवाना होगा।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, नाम और सिंबल पर विवाद तेज

भस्मासुर है कांग्रेस…राहुल को पढ़ना चाहिए अपनी पार्टी का इतिहास, सहयोगियों को खत्म करना आदत: किरेन रिजिजू

तमिलनाडु में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा सोने का छल्ला, CM विजय ने किया ऐलान, वितरण के लिए बनेंगे 107 हब

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान समाप्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन सकते हैं राहुल गांधी...शहजाद पूनावाला का तंज, बोले- 2029 में फिर PM बनेंगे मोदी