Dinesh Trivedi High Commissioner Bangladesh: मोदी सरकार ने बडा फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल के बैरकपुर के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश का हाई कमिश्नर बनाने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि त्रिवेदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी कोटे से यूपीए की सरकार में रेल मंत्री थे। बता दें कि दिनेश त्रिवेदी डिप्लोमैट प्रणय वर्मा की जगह लेंगे। वहीं प्रणय वर्मा अब ब्रसेल्स जाकर ईयू में भारत के राजदूत का पद संभालेंगे।
दरअसल, तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत के साथ संबंध बेहतर हुए हैं। शेख हसीना की सरकार जाने के बाद जब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश में सरकार बनी थी तब हिंदुओं पर हुए अत्याचार की वजह से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास आ गई थी। हाल ही में हुए आम चुनावों के बाद तारिक रहमान पीएम बने हैं, जिससे संबंध फिर से सुधरने लगे हैं।
दरअसल, यूपीए सरकार में दिनेश त्रिवेदी रेल मंत्री के अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भी थे लेकिन साल 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़ दिया और पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि इसी साल राज्य में चुनाव भी थे, जिस वजह से त्रिवेदी के अलावा कई और बड़े नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था हालांकि भाजपा इस चुनाव में मात्र 77 सीटों पर ही सिमट गई थी।
दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति मोदी सरकार की उस स्पष्ट रणनीति को दर्शाती है, जिसमें वह अहम देशों में भारत के प्रतिनिधि के रूप में राजनीतिक नेताओं को भेजने से कतरा नहीं रही है। यह संकेत भी साफ है कि ऐसी महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित नियुक्तियां अब केवल भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं।
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इससे पहले पूर्व सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने 2019 से 2022 तक सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी। वहीं, ढाका में दिनेश त्रिवेदी की तैनाती इस बात का संकेत देती है कि भारत अपने पड़ोसी देशों में प्रभावशाली और अनुभवी नेताओं को राजनयिक भूमिका में आगे बढ़ा रहा है।