Dharmendra Pradhan Resignation: पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली समेत देश भर में चल रहे प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। प्रधान ने दो पन्नों की चिट्ठी में पीएम मोदी को इस्तीफा भेज दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे से पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट की है. जिसमें उन्होंने लिखा कि वह पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम में देखकर मेरा मन दुखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है। देश की युवा शक्ति को कुचक्र में फंसने नहीं देंगे। यही मेरा संकल्प है।
अपने त्यागपत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि वे पिछले चार दशकों से भी ज्यादा समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से यही मानना रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी देश के विकास और प्रगति की असली नींव होती है। छात्रों के भरोसे को बनाए रखने के लिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चिट्ठी में आगे बताया कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी और धांधली की शिकायतें मिलते ही सरकार ने तुरंत कड़े कदम उठाए थे। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सीबीआई (CBI) को सौंपा गया था। इसके साथ ही विवादित परीक्षा को रद्द करके नए सिरे से परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया था।
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शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि अगले साल से NEET परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन मोड (CBT) में आयोजित किया जाएगा। सरकार का मकसद है कि किसी भी प्रतिभावान छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो और परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी रहे।