Congress Imran Masood Reaction on Turkman Gate Demolition: दिल्ली के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट का इलाका 6 और 7 जनवरी की दरमियानी रात को अचानक छावनी में तब्दील हो गया। कोर्ट के आदेश पर एमसीडी की टीम जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो वहां भारी बवाल मच गया। करीब 30 बुलडोजरों के साथ पहुंची टीम का स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
इस कार्रवाई पर अब सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अतिक्रमण विरोधी अभियान के बहाने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि आखिर आप अतिक्रमण हटाने के नाम पर और कितनी मस्जिदें गिराएंगे। मसूद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने राजनीतिक एजेंडे को साधने के लिए नफरत फैलाने का यही तरीका अपना रही है, जिससे समाज में डर और अविश्वास का माहौल बन रहा है।
इमरान मसूद ने सिर्फ अतिक्रमण की कार्रवाई पर ही गुस्सा जाहिर नहीं किया, बल्कि सरकार की विदेश नीति को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने बांग्लादेश के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार को बेहद कमजोर और लाचार बताया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह सरकार इतनी कमजोर है कि पड़ोसी देश बांग्लादेश को भी मुंहतोड़ जवाब नहीं दे पा रही है। उनके मुताबिक, सरकार अपनी विदेशी मोर्चे पर मिली नाकामी को छिपाने के लिए देश के भीतर ऐसे अभियानों का सहारा ले रही है, जबकि सीमा पार के गंभीर मुद्दों पर उसकी बोलती बंद है।
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इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा आतंकी कनेक्शन को लेकर हुआ है। जिस फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास यह पूरी कार्रवाई हुई, उसका नाम अब दिल्ली बम धमाके के आरोपी डॉ. उमर नबी से जुड़ने लगा है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में लाल किले के पास पिछले साल जो धमाका हुआ था, उसका मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी ब्लास्ट से ठीक कुछ घंटे पहले इसी मस्जिद में आया था। बताया जा रहा है कि वह यहां काफी देर तक रुका भी था। इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और मंगलवार आधी रात के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।