पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का परीक्षण (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

अब नहीं बचेगा दुश्मन का ठिकाना, पिनाका LRGR करेगा 120 किमी दूर तक सटीक वार

Pinaka Rocket Launch: भारतीय सेना जल्द ही अपनी आर्टिलरी क्षमता को नई मजबूती देने जा रही है। स्वदेशी पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) सफल परीक्षण के बाद सेना में शामिल होने के करीब पहुंच गया है।

दिव्या सिंह

Pinaka Rocket In Indian Army: भारतीय सेना को जल्द ही लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली नई ताकत मिलने जा रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) सफल परीक्षणों के बाद सेना में शामिल होने के करीब पहुंच गया है। यह अत्याधुनिक रॉकेट 120 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों पर बेहद सटीक हमला करने में सक्षम है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) से मंजूरी मिलने के बाद अब इस सिस्टम को भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट्स में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इससे देश की रक्षा क्षमता में और भी बढ़ोतरी होगी।

120 किमी दूर से होगा सटीक वार

पिनाका LRGR की सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीक मारक क्षमता है। DRDO और ARDE के मुताबिक परीक्षणों के दौरान इस रॉकेट ने केवल 2 से 3 मीटर CEP हासिल किया। यानी यह अपने लक्ष्य से महज कुछ मीटर की दूरी पर गिरा। इससे भारतीय सेना अब सीमा पार बैठे दुश्मन के बंकर, कमांड सेंटर, हथियार डिपो, सैनिक जमावड़े जैसे हाई-वैल्यू टारगेट्स को लंबी दूरी से सटीक तरीके से निशाना बना सकेगी।

युद्ध के समय कम होगा लॉजिस्टिक बोझ

भारतीय सेना के लिए यह सिस्टम इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि इसके लिए अलग लॉन्चर या नई गाड़ियों की जरूरत नहीं होगी। सेना के मौजूदा पिनाका लॉन्चर से कम दूरी वाले रॉकेट और नए 120 किमी रेंज वाले LRGR दोनों दागे जा सकेंगे। इससे युद्ध के समय लॉजिस्टिक बोझ कम होगा और सेना को ज्यादा ऑपरेशनल लचीलापन मिलेगा। जानकारी के मुताबिक यह रॉकेट उड़ान के दौरान लगभग 45 किलोमीटर की ऊंचाई तक जाता है और फिर लक्ष्य की ओर नीचे गिरता है। इस वजह से यह पहाड़ों या बंकरों के पीछे छिपे दुश्मन के ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।

हर मिशन के लिए होता है अलग वॉरहेड

पिनाका LRGR में 110 किलो का वॉरहेड लगाया जा सकता है। मिशन के अनुसार इसमें अलग-अलग प्रकार के हथियार लगाए जा सकते हैं-

  • PCB वॉरहेड बंकर और मजबूत ठिकाने नष्ट करने के लिए
  • थर्मोबैरिक वॉरहेड बड़े क्षेत्र में भारी तबाही के लिए
  • क्लस्टर म्यूनिशन सैनिक जमावड़े पर हमला करने के लिए
  • HEPF वॉरहेड हथियार डिपो और सैन्य ठिकानों के लिए
  • विदेशी सिस्टम से सस्ता और ज्यादा उपयोगी

इस रॉकेट की तुलना इजराइल के EXTRA सिस्टम से की जा रही है. लेकिन भारतीय पिनाका LRGR लागत के मामले में काफी सस्ता है। जहां विदेशी सिस्टम की कीमत करीब 2.4 करोड़ रुपए प्रति रॉकेट बताई जाती है। वहीं, पिनाका LRGR लगभग 1.5 करोड़ रुपए में तैयार हो रहा है। कम लागत की वजह से भारतीय सेना बड़ी संख्या में इन रॉकेट्स को शामिल कर सकेगी।

ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से हुआ था परीक्षण

दिसंबर 2025 में ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से इसका पहला सफल उड़ान परीक्षण किया गया था। इस दौरान रॉकेट ने 120 किमी दूर लक्ष्य को सटीकता से निशाना बनाया था। सूत्रों के मुताबिक DAC ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी और अब इसे सेना में शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। पिनाका LRGR भारतीय सेना की लंबी दूरी की हमला क्षमता को नई ताकत देगा, साथ ही यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगा।

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