राहुल गांधी (सोर्स सोशल मीडिया)  
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'मोदी ने मरवा दिया'... राहुल गांधी के इस बयान से मची खलबली, कांग्रेस की बड़ी बैठक में सरकार के खिलाफ महामंथन

BJP vs Congress: कांग्रेस की एक अहम बैठक के दौरान राहुल गांधी की 'मोदी ने मरवा दिया' टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। पार्टी ने NEET, पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान का ऐलान किया है।

वंदना शर्मा

Congress Meeting: भीषण गर्मी के बीच गुरुवार की सुबह बड़ी तदाद में इंदिरा भवन में एक जरूरी बैठक बुलाई गई। इस मीटिंग का असली मकसद NEET, CBSE महंगाई,बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे होने वाले मुद्दों पर भाजपा सरकार के खिलाफ रणनीति बनाना था।

इस मीटिंग में सभी महासचिव, राज्य प्रभारी और कांग्रेस कमिटीके अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की, जिसमें राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए।

'मोदी ने मरवा दिया'

बैठक के दौरान राहुल गांधी की एक टिप्पणी 'मोदी ने मरवा दिया' ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी देश की 'मुश्किल हालत' और आम जनता की समस्याओं का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने इस मुहावरे का इस्तेमाल लाक्षणिक अर्थ में किया, जिसका अर्थ होता है कि किसी पर भरोसा करने की वजह से भारी नुकसान या मुश्किल का सामना करना पड़ा है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियों और संविधान की अनदेखी की वजह से आज आम नागरिक और गरीब वर्ग बुरी तरह प्रभावित है।

एक साल बाद नरेंद्र मोदी सरकार नहीं रहेगी

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बेरोजगारी युवाओं को परेशान कर रही है। साथ ही पेपर लीक होने से छात्र परेशान है। विदेश नीतियों में कमियों के चलते महंगाई बढ़ रही है। जिसकी वजह से आम और गरीब आदमी दोनों प्रभावित हो रहे है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर किसान भाई बेहद चिंतित है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करके मोदी सरकार लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी पहले भी ऐसा कह चुके है, कि अर्थव्यवस्था की हालत इतनी खराब हो जाएगी, कि एक साल बाद नरेंद्र मोदी सरकार नहीं रहेगी।

टीएमसी से जुड़े बदलते राजनीतिक घटनाक्रम

यह मीटिंग टीएमसी से जुड़े बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हुई है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी, राहुल गांधी, और साथ में सोनिया गांधी के बीच हाल ही में मुलाकातों ने विपक्ष की एकजुटता को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। यह मीटिंग टीएमसी से जुड़े बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हुई है।

सामाजिक मामलों पर जनता की बढ़ती नाराजगी

एक रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को संबोधित करते हुये संगठनात्मक मजबूती और लचीलेपन की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एक मात्र ऐसी पार्टी है। जो नेशनल लेवल पर बीजेपी और आरएसएस का प्रभावी तरीके से मुकाबला करने में सक्षम है।

राहुल गांधी ने नेताओं और पार्टी के कार्यकर्ताओं से लोगों तक पहुंचने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक मामलों पर जनता की बढ़ती नाराजगी विपक्ष के लिए आम नागरिकों से जमीनी स्तर पर जुडने का एक महत्वपूर्ण मौका है।

मुश्किलों का सामना कर रहे है।

करीब 3 घंटे चली इस बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह अभियान देश भर में हर संगठनात्मक स्तर पर चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। आगे उन्होंने बताया कि पार्टी के विरोध मे पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ कर सीधे उन लोगों से मुलाकात करेंगे, जो मुश्किलों का सामना कर रहे है।

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