चापलूसी का शौक है तो मोदी के चपरासी बन जाओ, ज्ञानेश कुमार पर भड़के अभिजीत दीपके Source- IANS
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चापलूसी का शौक है तो मोदी के चपरासी बन जाओ, ज्ञानेश कुमार पर भड़के अभिजीत दीपके

CJP On CEC: अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार को पीएम मोदी की इतनी ही चापलूसी करनी है तो जाकर उनका चपरासी बन जाना चाहिए, उनके घर पर पोछा लगाना चाहिए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त न बनिए।

अर्पित शुक्ला

Abhijeet Dipke on Gyanesh Kumar: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने अगले 48 घंटे में इस्तीफा देने के लिए समय दिया है। साथ ही दीपके ने कहा है कि अगर इस्तीफा नहीं देते हैं तो सीजेपी देशव्यापी आंदोलन चलाएगी।

ज्ञानेश कुमार को लेकर दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी की इतनी ही चापलूसी करनी है तो जाकर उनका चपरासी बन जाना चाहिए, उनके घर पर पोछा लगाना चाहिए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त मत बनिए।

इस्तीफा लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे

अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग में मतभेद मामले पर कहा, ''कब तक देश की जनता गुस्से में रहेगी। वोट करने के लिए लाइन में लगी रहेगी, लेकिन जब रिजल्ट आएगा तो कहेगी कि हमने तो इसके लिए वोट ही नहीं किया था। बदलाव हो नहीं रहा है। फ्री एंड फेयर इलेक्शन करवाने के लिए ज्ञानेश कुमार को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। अगर 48 घंटे में ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो कॉकरोच जनता पार्टी देशव्यापी आंदोलन करेगी। बिना उनका इस्तीफा लिए हम पीछे नहीं हटेंगे"।

तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए

अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि ''बीजेपी ऐसे-ऐसे राज्य जीत रही, जो मोदी लहर में भी नहीं जीत पाई थी। इसमें मदद ज्ञानेश कुमार कर रहे। उनको तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए CJP के दीपके ने कहा कि महज लोगों के वोट नहीं चुराए जा रहे, बल्कि जो चुनाव आयोग में काम कर रहे, उनके भी चुराए जा रहे।''

क्या हैं सीजेपी की तीन मांगें?

  • CJP के अभिजीत दीपके ने तीन मांगें उठाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा होना चाहिए। साथ ही उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। जांच होनी चाहिए कि आखिर यह आदेश कौन दे रहा था।

  • CJP की दूसरी मांग यह है कि आगामी सभी चुनावों पर रोक लगा दी जानी चाहिए। 2024 की वोटर लिस्ट को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाना चाहिए और एसआईआर प्रक्रिया रोक देनी चाहिए।

  • कॉकरोचों की तीसरी मांग है कि 2023 के कानून के तहत चुनाव आयुक्तों को मिलने वाली कानूनी कार्रवाई से संरक्षण वाले कानून को वापस लिया जाना चाहिए। नया कानून बनाया जाना चाहिए, जिसमें सिविल सोसाइटी भी शामिल हो।

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