चाइना का डैम प्रोजेक्ट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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भारत के लिए 'वाटर बम' है ड्रैगन का डैम, चीन की चाल को कैसे नाकाम करेगा भारत?

China New Dam on Brahmaputra: चीन ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर एक नया डैम बनाना शुरू कर दिया है। पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनेगा तो भारत के लिए सबसे बड़ी टेंशन भी बन जाएगा।

अभिषेक सिंह

China Dam Project Over Brahmaputra River: चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के करीब ब्रह्मपुत्र नदी पर एक नया डैम बनाना शुरू कर दिया है। पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनेगा तो भारत के लिए सबसे बड़ी टेंशन भी बन जाएगा। चीन की इस हरकत ने भारत के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें उकेर दी हैं। जिसके पीछे कई कारण हैं।

दरअसल, यह कोई डैम नहीं, बल्कि चीन का एक 'वाटर बम' है, जिसका इस्तेमाल वह भारत के खिलाफ कर सकता है। इसके अलावा, इस बांध का स्थान ऐसा है कि यह सामरिक दृष्टि से भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, इस स्थान पर टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने से भूकंप का भी खतरा है।

चीनी पीएम ने की घोषणा

चीन भारतीय सीमा के पास यह बांध बना रहा है। चीनी प्रधानमंत्री ली किंग ने इस बांध के निर्माण की घोषणा की है। यह बाँध चीन के न्यिंगची शहर में ब्रह्मपुत्र नदी के निचले क्षेत्र में बनाया जा रहा है। यह बांध हिमालय पर्वत श्रृंखला की एक विशाल घाटी पर बनाया जाएगा। इस स्थान पर ब्रह्मपुत्र नदी एक विशाल 'यू-टर्न' लेती है और अरुणाचल प्रदेश और फिर बांग्लादेश में प्रवेश करती है।

सांग्पो, ब्रह्मपुत्र और 'जमुना'

ब्रह्मपुत्र नदी चीन में सांग्पो के नाम मशहूर है। जो कि दक्षिण-पश्चिमी तिब्बत में कैलाश पर्वत के पास जिमा यांगज़ोंग ग्लेशियर से निकलती है। ब्रह्मपुत्र की लंबाई 1,700 किलोमीटर है। यह भारत के अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी में मिलती है, फिर असम में ब्रह्मपुत्र होते हुए बांग्लादेश पहुंचती है जहां इसे 'जमुना' कहते हैं।

भारत के लिए टेंशन क्यों?

भारत में चिंताएं उठीं कि बांध का आकार और पैमाना न केवल चीन को जल प्रवाह को नियंत्रित करने का अधिकार देगा, बल्कि युद्ध के समय सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ लाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने में भी उसकी मदद करेगा। वर्ष 2020 में, एक ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसके अनुसार, चीन तिब्बती पठार की नदियों को नियंत्रित करके भारत को मुश्किल में डाल सकता है।

भारत अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र नदी पर भी एक बांध बना रहा है। भारत और चीन ने सीमा पार नदियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए 2006 में एक विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र (ईएलएम) का गठन किया था। इस योजना के तहत, चीन बाढ़ के मौसम में भारत को ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों की जलविज्ञान से जुड़ी जानकारी देता है। लेकिन यह देखना बाकी है कि बांध बनने के बाद यह प्रणाली कितनी अच्छी तरह काम करेगी।

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