केरल हत्याकांड, फोटो- सोशल मीडिया 
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चर्चित सजीता हत्याकांड में दोषी चेंथमारा को दोहरी उम्रकैद की सजा, 3.25 लाख रुपए का जुर्माना

Kerala के नेनमारा सजीता हत्याकांड में दोषी चेंथमारा को पलक्कड़ की अदालत ने दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में 3.25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

प्रतीक पाण्डेय

Kerala Sajitha Murder Case: केरल में 2019 के जघन्य सजीता हत्याकांड में, दोषी चेंथमारा (54) को शनिवार को पलक्कड़ की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-चार ने दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई। यह फैसला छह साल की लंबी सुनवाई के बाद आया है, जो न्याय व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। अदालत ने अपराध की क्रूरता को देखते हुए यह सख्त सजा सुनाई है।

केरल के नेनमारा सजीता हत्याकांड मामले में शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है। पलक्कड़ की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-चार ने दोषी चेंथमारा (54) को दोहरी उम्रकैद की सजा दी है। अदालत ने उसे हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और घर में घुसपैठ जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराया था। सजा के तौर पर, चेंथमारा पर 3.25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

6 साल पुरानी घटना पर आया फैसला

यह दिल दहला देने वाली घटना 31 अगस्त 2019 को हुई थी। नेनमारा बोयन कॉलोनी में रहने वाले चेंथमारा ने अपनी पड़ोसी सजीता (35) की बेरहमी से हत्या कर दी थी। सजीता दो बेटियों की मां थीं और घटना के समय घर पर अकेली थीं, क्योंकि उनके बच्चे स्कूल गए हुए थे और पति सुधाकरन तमिलनाडु में काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, चेंथमारा चाकू लेकर सजीता के किचन में घुस गया और उनकी गर्दन काट दी। चेंथमारा ने हत्या इसलिए की, क्योंकि उसका मानना था कि सजीता ने ही उसकी पत्नी को उसे छोड़ने के लिए भ्रम पैदा किया था। हत्या करने के बाद चेंथमारा नेल्लीयम्पाथी जंगल में भाग गया था, लेकिन अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

अदालत में पेश किए गए अहम सबूत

अदालत में अभियोजन पक्ष ने चेंथमारा के खिलाफ मजबूत केस बनाने के लिए 34 गवाहों के बयान, 63 दस्तावेज और विभिन्न भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसमें फोरेंसिक रिपोर्ट और हत्या में प्रयुक्त चाकू जैसे सामान शामिल थे। मामले के दौरान, चेंथमारा की पत्नी ने भी गवाही दी थी और बताया था कि आरोपी उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। अदालत ने चेंथमारा को 14 अक्टूबर को दोषी ठहराया था। जज केनेथ जॉर्ज ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि अपराध की क्रूरता को देखते हुए सजा सख्त होनी आवश्यक है।

जमानत पर बाहर आकर किया था डबल मर्डर

यह दोहरी उम्रकैद की सजा चेंथमारा को केवल पहली हत्या (सजीता हत्याकांड) के मामले में मिली है। यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस मामले में जमानत पर बाहर आने के बाद, चेंथमारा ने 27 जनवरी 2025 को एक और दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। उसने इस बार सजीता के पति सुधाकरन (54) और मां लक्ष्मी (75) की हत्या कर दी। वह इन दोनों को भी अपनी पारिवारिक समस्या का जिम्मेदार मानता था। इस डबल मर्डर के बाद उसकी जमानत रद्द कर दी गई थी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

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