BJP MP Sudhanshu Trivedi in Navbharat Conclave 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘नवभारत कॉन्क्लेव’ के दौरान ‘नव भारत विकसित भारत और नवराष्ट्र’ विषय पर चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन को साझा किया, जो भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने बताया कि अगले 21-22 सालों में भारत का स्वरूप कैसा होगा, इसे पिछले 12 सालों में हुए बदलावों से समझा जा सकता है।
नवभारत कॉन्क्लेव के मंच से बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हम (भारत) दुनिया के एक मात्र देश हैं, जो क्वाड (QUAD) का सदस्य है और ब्रिक्स (BRICS) का भी सदस्य है। क्वाड उन चार-पांच देशों को समूह जो माना जाता है कि अमेरिका ने अपने हिसाब से बनाया है और ब्रिक्स वो समूह है जो माना जाता है कि चाइना ने बनाया है। भारत इन दोनों समूहों का सदस्य है।
इसका मतलब यह हुआ कि किसी जमाने में हमारी विदेश नीति नॉन अलायंस होती थी, लेकिन आज हमारी विदेशी नीति ऑल अलायंस है। हम किसी के साथ नहीं थे, आज सब हमारे साथ हैं। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा सांसद और प्रवक्ता ने कहा कि आज भारत में वर्ल्ड एआई समिट (World AI Summit Delhi) हुई। इससे पहले इसके बारे में कोई सोचता था कि भारत आधुनिक टेक्नोलॉजी में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है। इसी देश के संसद में एक वित्त मंत्री ने कहा था कि डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में कैसे हो सकते हैं? मगर आज आपने देखा भारत डिजिटल ट्रांजैक्शन में दुनिया का नंबर-1 देश बन देश बना है। भारत का यूपीआई वीजा को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे ज्यादा लेनदेन करने वाला डिजिटल फ्लेटफॉर्म बन गया।
कार्यक्रम में बोलते हुए भाजपा सांसद ने मोदी सरकार में हुए कई अहम बदलावों का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें यह कहती थी कि हम ये होने देंगे ही नहीं। इनकी हैसियत नहीं की ये कभी कर दें। क्या धारा 370, 35A और राम जन्मभूमि, याद करिए जब ये कहा गया था जिस दिन धारा 370 हट जाएगी, उस दिन तिरेंगे को कंधा देने वाला कोई नहीं मिलेगा। लेकिन आज स्थिति क्या है, डल झील (श्रीनगर) पर तिरंगे की कतार दिखाई पड़ती है। यानी वो काम जिसको लेकर हमेशा ये यह कहा जाता रहा कि हम ये होने ही नहीं देंगे। लेकिन हमने ये कर दिखाया।
आज भारत में मोबाइल हैंडसेट उत्पादन के लिए कुल 340 फैक्ट्रियां हैं। आज हम सिर्फ उपभोक्ता ही नहीं, उत्पादक भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत में जितने इस्तेमाल किए जाने वाले फोन हैं, वो लगभग सभी भारत में ही बनते हैं। आज मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली दुनिया की सभी बड़ी कंपनी सैमसंग भारत के नोएडा में है। सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि आईफोन की चीन के बाहर सबसे बड़ी फैक्ट्री भारत में है। जो भारत में आईफोन बनते हैं अमेरिकन मार्केट में सिर्फ वहीं बिकते हैं।
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चाइना में बना हुआ आईफोन अमेरिका में नहीं बिकता है। क्योंकि उनको डर रहता है कि चीन ने फोन के अंदर (सुरक्षा के लिहाज से) कुछ कर के तो नहीं भेज दिया। उनको भरोसा वहां (चीन) पर नहीं भारत पर है।
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