असदुद्दीन ओवैसी, फोटो- सोशल मीडिया 
देश

असम में डेमोग्राफिक चेंज पर बीजेपी ने बनाया एआई वीडियो, फायर हो गए औवैसी, बोले- यह हिंदुत्व की...

अगले साल असम में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ही सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इसी कड़ी में असम बीजेपी द्वारा पोस्ट किए गए एक एआई वीडियो ने राजनीतिक पारा और बढ़ा दिया है।

प्रतीक पाण्डेय

Asaduddin Owaisi On AI Video: असम बीजेपी के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में मुस्लिमों की बढ़ती आबादी को लेकर चेतावनी दी गई है, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने तीखा विरोध जताया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस ने इस वीडियो को नफरत फैलाने वाला बताया है।

बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘असम विदआउट बीजेपी’ शीर्षक से एक एआई वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में दावा किया गया है कि अगर बीजेपी नहीं रही तो असम में मुस्लिम आबादी 90 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। साथ ही, राज्य में घुसपैठ और भी आसान हो जाएगी।

क्या है असम बीजेपी का वीडियो?

वीडियो में एयरपोर्ट, स्टेडियम, पार्क और सार्वजनिक जगहों पर केवल मुस्लिम लोगों को दिखाया गया है, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि मुसलमान हर क्षेत्र पर काबिज़ हो जाएंगे। वीडियो के अंत में यह अपील की गई है कि लोग सोच-समझकर वोट करें और "पाईजान का सपना" पूरा न होने दें। यह टिप्पणी कांग्रेस नेता और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के एक पुराने बयान पर तंज के रूप में मानी जा रही है।

ओवैसी और कांग्रेस ने किया कड़ा विरोध

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह हिंदुत्व की घिनौनी विचारधारा का खुला प्रदर्शन है। उनके अनुसार, बीजेपी का सपना है मुस्लिम मुक्त भारत बनाना और उनके पास विकास के लिए कोई वास्तविक योजना नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि क्या आयोग इस जहर को देखते हुए भी चुप रहेगा। उन्होंने पूछा कि क्या इस तरह के वीडियो चुनावी मर्यादाओं और नियमों का उल्लंघन नहीं हैं।

बीजेपी ने किया बचाव

असम बीजेपी प्रवक्ता रूपम गोस्वामी ने वीडियो का बचाव करते हुए कहा कि यह केवल डेमोग्राफिक परिवर्तन को दिखाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि असम के 14 जिलों में आबादी का संतुलन तेजी से बदल रहा है और यह चिंता का विषय है। उनके अनुसार, बीजेपी मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ है जो राज्य के संसाधनों पर बोझ बन रहे हैं।

चुनाव से पहले सियासी गर्मी तेज

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले असम में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तेज हो सकता है। विपक्ष जहां इसे नफरत फैलाने की साजिश बता रहा है, वहीं बीजेपी इसे जनसंख्या संतुलन और सुरक्षा का मुद्दा बता रही है।

AIIB Meeting: एआईआईबी की बैठक में भाग लेने कतर पहुंचीं वित्त मंत्री, जानें भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा

FCRA संशोधन बिल पर जेपीसी की दूसरी बैठक कल! गृह और कानून मंत्रालय के अधिकारी देंगे क्लॉज-वाइज जानकारी

दस घंटे की मेहनत पर फिरा पानी! फरीदाबाद में 200 फीट गहरे बोरवेल से रेस्क्यू के बाद 3 साल की नेहा की मौत

Tamil Nadu Gold Ring Scheme: नवजातों को 1gm सोने की अंगूठी, लेकिन मदुरै से ही शुरुआत क्यों? जानिए मामा कनेक्शन

आसमान की तरफ खिंचता दिखा नदी का पानी! समस्तीपुर में बना दुर्लभ जल बवंडर, देखें वायरल Video और जानें साइंस