Commercial Flights Start At Bhogapuram Airport: आंध्र प्रदेश के उत्तर तटीय क्षेत्र के लिए 17 अगस्त की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। विजयनगरम जिले में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (भोगापुरम) से सोमवार आधी रात के बाद वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई हैं,। इसके साथ ही, विशाखापट्टनम हवाईअड्डे (INS डेगा) के सिविल एन्क्लेव का दशकों पुराना व्यावसायिक सफर थम गया और उसकी सभी व्यावसायिक सेवाएं नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर स्थानांतरित कर दी गई।
नागर विमानन मंत्रालय की अधिसूचना के प्रभावी होते ही, 17 अगस्त को रात 12:01 बजे से विशाखापट्टनम एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव की सभी सेवाएं बंद कर दी गई। हवाई यात्रा की दुनिया में विशाखापट्टनम की पहचान बना अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट कोड 'VTZ' भी अब भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को हस्तांतरित कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक बदलाव की पहली गवाह स्कूट एयरलाइंस की सिंगापुर जाने वाली फ्लाइट बनी, जिसने आधी रात के आसपास उड़ान भरी। वहीं, घरेलू उड़ानों में इंडिगो की हैदराबाद से आई फ्लाइट यहां उतरने वाली पहली उड़ान रही, जहां एयरपोर्ट अधिकारियों और जिला प्रशासन ने यात्रियों का स्वागत पारंपरिक एतिकोप्पाका खिलौनों के साथ किया।
जहां एक ओर नए एयरपोर्ट पर जश्न का माहौल था, वहीं विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर कर्मचारियों और यात्रियों के लिए यह एक भावुक क्षण था। रविवार रात दिल्ली के लिए रवाना हुई इंडिगो की फ्लाइट 6E-2018 के साथ ही 1962 से चला आ रहा नागरिक उड़ानों का एक लंबा सिलसिला समाप्त हो गया। नागर विमानन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, अगले 30 वर्षों तक विशाखापट्टनम एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव में कोई नियमित वाणिज्यिक उड़ान संचालित नहीं होगी। अब इस एयरपोर्ट का उपयोग केवल राष्ट्रीय आपातकाल, सैन्य अभियानों, सशस्त्र बलों और विशेष वीआईपी उड़ानों के लिए ही किया जा सकेगा।
इस बड़े स्थानांतरण का एक मानवीय पहलू भी सामने आया है। विशाखापट्टनम एयरपोर्ट के वाणिज्यिक परिचालन बंद होने से वहां काम करने वाले लगभग 1,000 कर्मचारियों के रोजगार पर सीधा असर पड़ा है, जिन्होंने सरकार से वैकल्पिक रोजगार की मांग की है। दूसरी ओर, प्रशासन ने यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए विशाखापट्टनम शहर और भोगापुरम एयरपोर्ट के बीच 20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया है। वर्तमान में इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्कूट जैसी एयरलाइंस यहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, सिंगापुर और अबू धाबी जैसे शहरों के लिए सेवाएं दे रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अगस्त को उद्घाटित यह एयरपोर्ट भारत के सबसे तेजी से पूरे किए गए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसे निर्धारित समय से 5 महीने पहले ही तैयार कर लिया गया। लगभग 4,727 करोड़ रुपए की लागत से GMR द्वारा विकसित यह हवाईअड्डा 3,800 मीटर लंबे रनवे से लैस है,। यह रनवे इतना उन्नत है कि यहां बोइंग 777 और एयरबस A330 जैसे विशाल वाइड-बॉडी विमान आसानी से संचालित हो सकते हैं। पहले चरण में इसकी क्षमता सालाना 60 लाख यात्रियों की है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 4 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
2,703 एकड़ में फैला भोगापुरम एयरपोर्ट केवल एक ट्रांसपोर्ट हब नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और एयरोस्पेस विकास को नई दिशा देगा। यहाँ एयरपोर्ट के अलावा एक एविएशन यूनिवर्सिटी और एविएशन हब विकसित करने की भी योजना है। संचालन के पहले दिन ही यहाँ से 31 उड़ानों के जरिए करीब 6,000 से 7,000 यात्रियों के आवागमन का अनुमान लगाया गया है, जो इस क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक शुभ संकेत है।