अमित शाह ने खरगे की टिप्पणी को मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
पटना में खरगे के बयान के बाद कार्यक्रम में हंगामा हुआ।
टिप्पणी के बाद सभा में मौजूद व्यक्ति ने दावा किया कि उसकी बात को गलत समझा गया था।
Amit Shah on Kharge: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में की गई टिप्पणी पर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे के बयान पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सारी मर्यादाएं तोड़ दी हैं। शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है। वहीं, खरगे ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद वहां हंगामा हो गया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मल्लिकार्जुन खरगे के बयान की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि खरगे ने पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी करके सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री की मां को लेकर की गई टिप्पणियों, उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहे जाने और ‘चायवाला’ कहकर उनकी गरीबी का मजाक उड़ाने का भी जिक्र किया।
गृह मंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में चुनावी हार के कारण कांग्रेस में हताशा और निराशा बढ़ी है। उनके मुताबिक, पार्टी के पास अब न कोई नीति बची है और न मुद्दा, बल्कि गाली-गलौज की राजनीति रह गई है। ये आरोप अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की सरकारों को ‘वोट चोरी’ से बनी सरकार बताया।
इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी के बाद हंगामा हो गया। उस व्यक्ति की बात के जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा।
खरगे की टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में मौजूद व्यक्ति को कांग्रेस समर्थकों द्वारा पीटे जाने और बाहर निकाले जाने की खबरें भी सामने आईं। बाद में उस व्यक्ति ने सफाई देते हुए कहा कि उसकी बात को गलत समझा गया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने दावा किया कि वह कहना चाहता था कि विद्रोह के बिना मोदी नहीं जाएंगे, लेकिन उसकी बात का केवल एक हिस्सा सुना गया।