AIADMK District Secretaries Meeting: तमिलनाडु में AIADMK में चल रही टूट के बीच पार्टी के महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने जिला सचिवों की बैठक में पार्टी एकता की अपील की है। इसी बीच पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले गुट और ईपीएस के बीच मतभेद सुलझाने की कोशिशें भी तेज होती दिख रही हैं। पार्टी नेताओं को आशंका है कि लगातार जारी अंदरूनी कलह से पार्टी और कमजोर हो सकती है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक समूह ईपीएस गुट और सीवी शनमुगम के समर्थक गुट के बीच के तनाव को कम करने की कोशिशों में जुटा है। उनका मानना है कि लंबे समय तक जारी आंतरिक मतभेदों से केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फायदा होगा। इससे AIADMK की दीर्घकालिक संभावनाओं को नुकसान होगा। इन प्रयासों में अब तक कितनी प्रगति हुई है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बागी गुट के नेता शनमुगम ने पार्टी की जनरल काउंसिल की जल्द बैठक बुलाने की अपनी मांग दोहराई है। उन्होंने AIADMK को हाल के वर्षों में मिली लगातार चुनावी हार समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता बताई है। मंगलवार को एडप्पडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) द्वारा बुलाई गई जिला सचिवों की अनौपचारिक बैठक में कुछ अप्रत्याशित घटनाक्रम भी देखने को मिले। पहले यह बैठक उनके आवास पर होनी थी, लेकिन अंतिम समय में इसका स्थान बदलकर AIADMK मुख्यालय कर दिया गया।
ईपीएस गुट के नेताओं ने दावा किया है कि जिला सचिव बैठक में पार्टी के 82 में से अधिकांश शामिल हुए, वहीं बागी गुट का कहना है कि बड़ी संख्या में पदाधिकारी अनुपस्थित रहे। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता डी. जयकुमार प्रमुख अनुपस्थित नेताओं में शामिल थे। बाद में एआईएडीएमके मुख्यालय की ओर से कहा गया कि कुछ जिला सचिवों ने बैठक में शामिल न हो पाने के कारणों की जानकारी पार्टी को दे दी थी।
ये भी पढ़ें- अभिषेक बनर्जी के ‘7 टैंक्स लेन’ वाले फ्लैट का क्या है रहस्य? सायोनी घोष का आया नाम, कोलकाता में मचा हड़कंप
बागी गुट के नेता शनमुगम ने पार्टी में चल रहे गतिरोध के मुद्दे पर कहा, हम बातचीत के लिए तैयार हैं। साथ ही जनरल काउंसिल की जल्द बैठक कराने की मांग को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य पार्टी से निकाले गए नेताओं और दूर चले गए कार्यकर्ताओं को वापस लाकर AIADMK को मजबूत और एकजुट करना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पलानीस्वामी अब तक 31 जिला सचिवों को उनके पदों से हटा चुके हैं।