प्रतीकात्मक तस्वीर  
देश

मणिपुर-अरुणाचल और नगालैंड में 6 महीने के लिए बढ़ा AFSPA, गृह मंत्रालाय ने जारी किया आदेश

अब मणिपुर में तो AFSPA का लगना मायने रखता है क्योंकि पिछले दो सालों से वहां हिंसा का दौर जारी है। कभी हिंसा कम या कभी ज्यादा रह सकती है, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।

मनोज आर्या

नई दिल्ली: मणिपुर-अरुणाचल और नगालैंड में 6 महीने के लिए AFSPA बढ़ा दिया गया है। गृह मंत्रालय ने इसे लेकर एक अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक मणिपुर के 13 पुलिस थानों को छोड़कर बाकी सभी इलाको में AFSPA लगा है, नगालैंड के 8 जिलों में भी सशस्त्र बल को विशेष शक्तियां दी गई हैं। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश के भी तीन जिलों में 6 महीने के लिए AFSPA रहेगा।

अब मणिपुर में तो AFSPA का लगना मायने रखता है क्योंकि पिछले दो सालों से वहां हिंसा का दौर जारी है। कभी हिंसा कम या कभी ज्यादा रह सकती है, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। ऐन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद से ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है, लेकिन पूरी तरह हालात अभी भी कंट्रोल में नहीं हैं। इसी वजह एफ्सपा को बढ़ाना मायने रखता है।

गृह मंत्रालय की ओर से क्या कहा गया?

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि मणिपुर के कुछ क्षेत्रों में अशांति और हिंसा की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। AFSPA के तहत सशस्त्र बलों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार करने, तलाशी लेने और यदि जरूरत पड़े तो गोलियां चलाने का अधिकार है। इस राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और शांति सुनिश्चित करने के लिए यह शक्तियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, खासकर ऐसे वक्त में जब राज्य में अलग अलग उग्रवादी समूहों और अलगाववादी गतिविधियों का सामना किया जा रहा है।

AFSPA कानून क्या है?

किसी भी क्षेत्र में AFSPA कानून को लागू करने का मतलब है कि उस क्षेत्र को डिस्टबर्ड एरिया या अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। AFSPA कानून ब्रिटिश सरकार द्वारा 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के जवाब में लागू किया गया था। आजादी के बाद प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस कानून को जारी रखने का फैसला किया था और 1958 में इसे कानून के रूप में लागू कर दिया गया। देश की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

इन हिस्सों में अभी भी लागू है यह कानून

पूर्वोत्तर के राज्यों, जम्मू कश्मीर और पंजाब में जब उग्रवाद चरम पर था तब इन राज्यों में इस कानून को लागू किया गया था। इसके बाद पंजाब पहला ऐसा राज्य था जहां से इसे हटाया गया। उसके बाद पूर्वोत्तर के राज्यों त्रिपुरा और मेघालय से भी इसे हटा दिया गया लेकिन नागालैंड, मणिपुर, असम तथा अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी यह कानून लागू है।

Dr. Manmohan Singh Biography: अर्थशास्त्री से प्रधानमंत्री तक, जानिए उनके जीवन और उपलब्धियों की कहानी

Weather Alert: डिप्रेशन का असर, उत्तराखंड से यूपी तक मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट; कई जिलों में बाढ़ का खतरा

NIA के चंगुल में नालागढ़ ब्लास्ट के दो और आरोपी, पूरे नेटवर्क को खंगाल रही जांच एजेंसी; हो सकते हैं और खुलासे

जमुई केस में बड़ी कार्रवाई! CM सम्राट चौधरी संग पीड़िता की फोटो वायरल करने पर फंसा CMO स्टेनो, दर्ज हुई FIR

मणिपुर समेत तीन राज्यों में छह महीने और बढ़ा अफस्पा कानून! कुकी-नागा तनाव के बाद गृह मंत्रालय का फैसला