फाइल फोटो- जाट आरक्षण आंदोलन 
हरियाणा

जाट आरक्षण आंदोलन की सुगबुगाहट, अक्टूबर में लग सकता है मोर्चा; पिछली पर जल गया था हरियाणा

Haryana News: हरियाणा में एक बार फिर जाट आरक्षण आंदोलन की तैयारी चल रही है। इसके लिए 5 अक्टूबर को एक प्रदेश स्तरीय पंचायत बुलाई है। संभवतः अक्टूबर में आंदोलन की शुरुआत होगी।

Saurabh Pal

Jat Resrvation Movement: हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की सुगबुगाहट एक बार फिर सुनाई दे रही है। 2016 में जाट आरक्षण के हिंसक आंदोलन की यादें अभी भी जहन में ताजा हैं। इसलिए आंदोलन से राज्य की शांति भंग होने की आशंका स्वाभाविक है। हालांकि शांतिपूर्ण आंदोलन हो इसके लिए अभी से कोशिशें जारी हैं। हरियाणा में अक्टूबर माह में जाट आरक्षण के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा।

आंदोलन शुरू करने से पहले राज्य में जिला और विधानसभा स्तर पर भाईचारा सम्मेलन आयोजित कर रणनीति बनाई जा रही है। जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया की अगुवाई में शनिवार को चरखी दादरी में भाईचारा सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में समाज के लोगों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

52 दिन चला था शांतिपूर्ण आंदोलन फिर सुलग उठा प्रदेश

दादरी की जाट धर्मशाला में आयोजित भाईचारा सम्मेलन की अध्यक्षता आरक्षण समिति के प्रदेश अध्यक्ष गंगाराम श्योराण ने की। जाट नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा जाट समाज को सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। इस बार समाज को एकजुट कर हकों को लेकर जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी अपने हकों के लिए 52 दिन तक शांतिपूर्वक आंदोलन किया था। उस दौरान कुछ लोगों ने आंदोलन के बीच घुसकर उनके आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया था। उन्हें बार-बार सरकार द्वारा अहीर, गुर्जर के समान आरक्षण देने का वादा किया गया है, लेकिन इसे धरातल पर लागू नहीं किए जाने के कारण जाट समाज को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।

ओबीसी का दर्जा मांग रहा जाट समुदाय

जाट नेताओं ने कहा कि प्रदेश के सभी 90 विधानसभा स्तर पर भाईचारा सम्मेलन कर रहे हैं। 5 अक्टूबर को रोहतक के जसिया में छोटूराम धाम पर प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर जाट आरक्षण को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस बार वे शांतिपूर्वक ढंग से दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में राज्य स्तर पर जाट समुदाय के लोगों को ओबीसी का दर्जा प्राप्त है। हालांकि केंद्र सरकार ने ओबीसी का दर्जा नहीं दिया है। वहीं हरियाणा में जाट जनरल कटैगरी में आते हैं। इसलिए अब जाट समुदाय ओबीसी में शामिल किए जाने की मांग कर रहा है।

जाट आरक्षण आंदोलन आग से सुलग उठा था हरियाणा

बता दें कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में जाट समुदाय के लोगों ने ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर 2016 में आंदोलन किया था। शांतिपूर्ण आंदोलन कुछ दिनों बाद हिंसक हो गया था। आंदोलन ने राज्य में गंभीर हिंसा भड़काई, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना को बुलाना पड़ा। इस आंदोलन के दौरान काफी जान-मान को नुकसान पहुंचा था।

BRICS Summit: भारत मंडपम में भव्य गाला डिनर, PM मोदी ने विदेशी मेहमानों को परोसे खास भारतीय व्यंजन

माउंट रुद्रगैरा पर लहराया तिरंगा: लखनऊ की बेटी पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊंची चोटी की फतह, मिशन एवरेस्ट पर नजर

BRICS Summit 2026 LIVE: डिनर में शामिल होने पहुंचे BRICS लीडर्स, कई राज्यों के CM-केन्द्रीय मंत्री भी मौजूद

BRICS Summit: भारत मंडपम में दिखी मोदी-पुतिन-जिनपिंग की केमिस्ट्री, तस्वीरों ने खींचा ध्यान

Hindi Diwas 2026: बैंक, मोबाइल, पुलिस और टिकट...ऐसे 50 शब्द जो हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हैं एक जैसे