Gurugram CM Convoy Protest: गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने के मामले में हरियाणा पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सुरक्षा व्यवस्था में चूक मानते हुए SHO समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधिकारियों में सिविल लाइंस थाने के एसएचओ विजेंद्र कुमार, दो एएसआई, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और एसआईएस शाखा के एएसआई अमित कुमार शामिल हैं।
शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज डावर और वर्धन यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता अचानक सड़क पर पहुंच गए और काले झंडे लहराते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद विभाग ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया।
गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने के मामले में हरियाणा पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही मानते हुए SHO समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों में सिविल लाइंस थाने के SHO विजेंद्र कुमार, दो एएसआई, एक एसआई, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और एसआईएस शाखा के एएसआई अमित कुमार शामिल हैं।
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में ठोस कदम उठाते हुए 8 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शुक्रवार की रात को गिरफ्तार किया है।
एफआईआर (FIR) में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज डावर और वर्धन यादव के भी नाम शामिल हैं, हांलाकि वह दोनों नेता अभी कहां हैं इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं प्राप्त है।
बता दें कि कांग्रेस के दोनों नेताओं के भी फोन स्विच ऑफ बता रहें हैं। सूत्रों के हवाले मिली जानकारी के मुताबिक इन दोनो नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। लेकिन गुरुग्राम पुलिस इस दोनों के बारे में कोई भी जानकारी देने से बच रही है।
काला झंडा दिखाने के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर शनिवार दोपहर कांग्रेस के कई कार्यकर्ता सिविल लाइंस थाने के बाहर इकठ्ठा हुए हैं और केस के बारे में जानकारी ले रहे हैं। गुरुग्राम की सिविल लाइंस थाना पुलिस ने गिरफ्तार किये गए सभी कांग्रेस नेताओं को डीसीपी वेस्ट के समक्ष पेश करने के लिए लेकर गई है।