

Shehzad Poonawalla Congress: भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला का पहला बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने पार्टी छोड़ने की असली वजह बताई।
इस्तीफे के बाद अपने पहले इंटरव्यू में शहजाद पूनावाला ने बताया है कि उनकी माली हालत और निजी जिम्मेदारियों ने उन्हें यह कदम उठाने का फैसला किया है। उनका कहना है कि पहली तारीख को मकान मालिक को किराया चाहिए, वह यह नहीं देखेगा कि आप बीजेपी में हैं या कहां है।
पूर्व बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "मुझे किराया देना है। मैं बीजेपी से हूं इसलिए मेरा मकान मालिक मुझे मुफ्त में घर नहीं देगा उसे पहली तारीख को रेंट चाहिए, राजनीतिक पार्टियां कार्यकर्ताओं को सैलरी नहीं देतीं।"
शहजाद पूनावाला का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से वह अभी भी भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है और आगे भी निभाते रहेंगे।
शहजाद पूनावाला का कहना है कि बीजेपी या कोई भी पार्टी कार्यकर्ताओं को सैलरी नहीं देती, ऐसे में अब उन्हें पार्टी के लिए 24 घंटे समर्पित कार्यकर्ता की तरह काम करना संभव नहीं है। शहजाद पूनावाला ने इंटरव्यू में कहा कि कि अब उनके यह जिम्मेदारी निभाना मुश्किल हो गया था।
जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वो एक बार से कांग्रेस में वापसी की सोचेंगे तो, उन्होंने पहले तो कहा, 'आर यू क्रेजी?' लेकिन, फिर तुरंत ही जवाब दिया- मैं एक शर्त पर (कांग्रेस में) जाऊंगा।
शहजाद ने अपनी शर्त का जिक्र करते हुए कहा अगर राहुल गांधी को हटाएं, सोनिया गांधी को हटाएं, प्रियंका को हटाएं और नेहरू की गलतियों के लिए माफी मांगे तो मैं पार्टी में जाने को तैयार हूं।
शहजाद पूनावाला ने 17 अगस्त को राष्ट्रीय प्रवक्ता सहित भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा भेजा। शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी।
शहजाद पूनावाला ने इस्तीफा पत्र साझा करते हुए लिखा, "बेहद विनम्रता, स्नेह और आभार के साथ मैंने एक बार फिर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंपा है और अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार किया जाए। मैं उस मार्गदर्शन, प्यार, सम्मान और मंच के लिए हमेशा आभारी रहूंगा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और हमारे सभी वरिष्ठ नेताओं व पूरे संघ परिवार ने मुझे दिया और मुझ पर भरोसा जताया।"