CBI Raid in Haryana Govt Fund Embezzlement: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक एवं एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक स्कैम मामले में सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया। सीबीआई ने गुरुवार को चंडीगढ़ और पंचकुला में सात जगहों पर छापे मारे। घोटाले में गबन किए गए पैसों का पता लगाने के लिए सीबीआई ने छापेमारी की।
इस दौरान सीबीआई ने संदिग्धों से जुड़े आवासीय परिसर, ज्वैलर्स के शोरूम और संदिग्ध लाभार्थियों से जुड़े अन्य प्राइवेट संस्थानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान, धोखाधड़ी और संदिग्ध गबन से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और वस्तुएं बरामद और जब्त की गईं। इनमें वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं।
इस मामले की जांच हरियाणा सरकार ने CBI को सौंपी थी। आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक एवं एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर, धोखाधड़ी के तरीकों से सरकारी पैसों का गबन किया।
कुल 07 जगहों पर तलाशी ली गई, जिनमें आरोपियों के घर, ज्वैलर्स के व्यापारिक प्रतिष्ठान/शोरूम, सरकारी पैसों के गबन से कथित तौर पर लाभ पाने वालों के ठिकाने, और जांच से जुड़ी अन्य निजी संस्थाएं शामिल हैं। तलाशी के दौरान, कई अहम दस्तावेज और चीजें बरामद कर जब्त की गईं। इनमें धोखाधड़ी और पैसों के कथित गबन से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत शामिल हैं।
अब तक, इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI ने जांच में तेजी लाई है, और कई अहम सुरागों पर काम किया जा रहा है। CBI इस मामले में जल्द से जल्द और पूरी तरह से जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी का मामला साल 2026 के फरवरी में सामने आया था। जब हरियाणा सरकार के विकास एवं पंचायत विभाग के एक अधिकारी ने अपना खाता बंद करने और शेष राशि को दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने का प्रयास किया। इसी छोटे से बैंकिंग लेनदेन के दौरान इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ, जिसमें रिकॉर्ड और वास्तविक शेष राशि में भारी विसंगतियां पाई गईं।
हरियाणा के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने पहले इस मामले में FIR दर्ज की, लेकिन राज्य सरकार ने बाद में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया। इसके बाद ईडी ने भी समानांतर जांच शुरू की। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का कहना है कि उसने संबंधित राज्य सरकारी विभागों को 557 करोड़ रुपए लौटा दिए हैं। हालांकि, सीबीआई की जांच अभी भी जारी है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)